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ठगी का फैला जाल : सिटी ब्यूटीफुल में रोजाना 16 लोग हो रहे शिकार

Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 11 Jun 2021 01:58 AM IST
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चंडीगढ़। सिटी ब्यूटीफुल में साइबर अपराध के मामले लगातार बढ़ने लगे हैं। साइबर ठगों ने बैंक अधिकारी बनकर, कार्ड क्लोनिंग, ऑनलाइन शापिंग, एटीएम पिन औरऑनलाइन नौकरी का झांसा देकर लिंक क्लिक करवाकर चपत लगा रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक साइबर सेल में पिछले पांच महीने में 2327 ठगी के मामले में सामने आए हैं यानी ठग रोजाना 16 लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। यह तो सिर्फ वो आंकड़ा है, जिनकी शिकायत साइबर पुलिस को मिल रही है जबकि कई छोटी-मोटी ठगी के केसों में लोग पुलिस को शिकायत देने से कतराते हैं।
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आंकड़ों के अनुसार साइबर सेल में आने वाली शिकायतें साल दर साल बढ़ती ही जा रही हैं। इनमें फोन पर धमकी, फर्जी नाम से सोशल मीडिया का इस्तेमाल, एटीएम पिन पूछना, एटीएम कार्ड बदलकर पैसा निकालना समेत अन्य छोटे- मोटे ठगी का साइबर सेल में शिकायतों का ढेर लगा होता है। साइबर पुलिस आए दिन इस तरह के केसों का निपटारा करने के लिए काम भी करती हैं, लेकिन साइबर पुलिस की पकड़ से हजारों किलोमीटर दूर बैठे जालसाज लगातार अपना ठगी का मकड़जाल फैलाते जा रहे हैं।

ऐसे चलता है ठगी का खेल
साइबर पुलिस ने हाल ही में कई गैंग को पकड़ा है, जिसमें खुलासा हुआ था कि ये ठग ज्यादातर 10वीं से 12वीं पास होते हैं। ये इतने शातिर हैं कि जामताड़ा समेत अन्य राज्यों से भोले-भाले लोगों से संपर्क कर उनके नाम पर बैंक खाता खुलवा लेते हैं। कई मामलों में इन खातों में आने वाली पेमेंट का 10 फीसदी हिस्सा उन्हें दे देते हैं। इसके अलावा ज्यादातर सिम अलग-अलग राज्यों में पंजीकृत होते हैं। साथ ही ठग फर्जी आईडी पर ये सिम खरीद लेते हैं ताकि पुलिस इन तक पहुंच न सके। पुलिस जब इनके फोन नंबर या फिर बैंक खाते के पते पर पहुंचती तोे वह फर्जी निकलता है।
सालों से लटका साइबर थाना बनाने का प्रस्ताव
साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को देखते हुए साल 2018 को पुलिस विभाग ने शहर में अलग से साइबर थाना बनाने का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन अब तक प्रस्ताव पर कोई खास काम नहीं हुआ। साइबर सेल पुलिसकर्मी का कहना है कि अगर अलग से थाना बन जाए तो काफी हद साइबर अपराधों में कमी आ सकती है। दूसरी तरफ अलग-अलग थानों में साइबर डेस्क बनाने की प्रक्रिया भी चल रही है। जिसका मकसद है कि थाने में आने वाली साइबर ठगी की शिकायतों पर यह साइबर डेस्क अपने स्तर पर जांच कर केसों का निपटारा कर सके।
किन-किन केसों में कितनी शिकायत मिली
1. कार्ड क्लोनिंग, एटीएम बदलकर : 257
2. एटीएम पिन पूछकर : 242
3. यूपीआई लिंक : 79
4. एप डाउनलोड, लिंक क्लिक : 37
5. सोशल मीडिया पर धमकी : 314
6. फेसबुक, इंस्टाग्राम समेत अन्य आईडी हैक : 248
7. वेबसाइट हैक, फर्जी अकाउंट : 85
8. ओएलएक्स पर खरीदना बेचना :1 45
9. ऑनलाइन नौकरी, वीजा : 128
10. लॉटरी जीतना : 52
11. ऑनलाइन लोन : 57
12. सोशल मीडिया से शॉपिंग करना : 259
13. टावर लगवाने के नाम पर : 05
14. इंश्योरेंस के नाम पर : 12
15. कस्टमर केयर के नाम पर : 55
15. मोबाइल, लैपटॉप मिसिंग : 06
16. डाटा चोरी : 11
17. रिक्वेस्ट भेजना : 174
18. सोशल मीडिया पर ह्रासमेंट : 59
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
साइबर विशेषज्ञ राजेश राणा का कहना है कि कोरोना काल में लोग काफी परेशान हैं। ये ठग अलग-अलग तरीका अपनाकर लोगों से ठगी कर रहे हैं, लेकिन कुछ बातों का अगर ध्यान में रखा जाए जो ठगी से बचा जा सकता है-
1. किसी अंजान को अपना बैंक खाते की डिटेल न दें।
2. अगर कोई आपको मोटी कमाई का लालच देता है तो इसकी पहले जांच करें।
3. कोई भी ऐप डाउनलोड करने से बचें।
4. आपके मोबाइल पर आए लिंक को क्लिक न करें।
5. अगर कोई यूपीआई पर क्यूआर कोड भेजे तो स्कैन करने से बचें।
6. ऑनलाइन नौकरी मिलने के ऑफर पर अच्छे से उसके बारे में रिसर्च करें।
7. ठगी होने के बाद मामले की सूचना पुलिस को दें।

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