{"_id":"5be88fbfbdec2269724a8466","slug":"154196775911-pkl-office-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंचकूला हिंसा मामले में दोनों आरोपियों को कोर्ट ने भेजा न्यायिक हिरासत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंचकूला हिंसा मामले में दोनों आरोपियों को कोर्ट ने भेजा न्यायिक हिरासत
Updated Mon, 12 Nov 2018 01:53 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंचकूला हिंसा: दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा
- आरोपियों से पूछताछ के बाद पंचकूला क्राइम ब्रांच ने किया था पेश
- हिंसा में शामिल लोगों का सुराग लगाने के लिए दोनों को रिमांड पर लिया था
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। 25 अगस्त 2017 को हुई पंचकूला हिंसा में वांछित दोनों आरोपियों को पंचकूला क्राइम ब्रांच की टीम ने रविवार को कोर्ट में ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
क्राइम ब्रांच की टीम ने आठ नवंबर को सतीश कुमार मेहता निवासी रतिया, जिला फतेहाबाद और दूसरा आरोपी किरपाल मेहता सिरसा को गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर चुकी है। क्राइम ब्रांच की टीम ने हिंसा में शामिल लोगों का सुराग लगाने के लिए दोनों को रिमांड पर लिया था। कोर्ट ने सभी तथ्यों को सुनने के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। क्राइम ब्रांच की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापामार कर आरोपी सतीश को सेक्टर-5 स्थित बस स्टैंड और आरोपी किरपाल मेहता को माजरी चौक से काबू किया था। दोनों शिमला भागने की फिराक में थे। पंचकूला हिंसा के बाद दोनों आरोपियों को कोर्ट ने भगोड़ा घोषित कर दिया था। पुलिस ने आरोपी किरपाल और सतीश कुमार मेहता पर आईपीसी की धारा -148, 149, 436, 506 और आर्म्स एक्ट केे तहत केस दर्ज किया था। पुलिस जांच में सामने आया था कि सतीश कुमार मेहता हिसार स्थित डेरे का वरिष्ठ सेवादार था। वह हिसार से लोगों को गाड़ी में भरकर सेक्टर -23 स्थित आश्रम में लाया था। प्लानिंग की थी कि यदि बाबा रिहा हो गए तो वहां सत्संग करेंगे। यदि बाबा को सजा हुई तो हिंसा करेगा। किरपाल पर आरोप है कि उसने इनोवा गाड़ी में प्रिंटर और जनरेटर लगा रखा था, जिसे बरामद कर लिया गया है।
विज्ञापन
- आरोपियों से पूछताछ के बाद पंचकूला क्राइम ब्रांच ने किया था पेश
- हिंसा में शामिल लोगों का सुराग लगाने के लिए दोनों को रिमांड पर लिया था
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। 25 अगस्त 2017 को हुई पंचकूला हिंसा में वांछित दोनों आरोपियों को पंचकूला क्राइम ब्रांच की टीम ने रविवार को कोर्ट में ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
क्राइम ब्रांच की टीम ने आठ नवंबर को सतीश कुमार मेहता निवासी रतिया, जिला फतेहाबाद और दूसरा आरोपी किरपाल मेहता सिरसा को गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर चुकी है। क्राइम ब्रांच की टीम ने हिंसा में शामिल लोगों का सुराग लगाने के लिए दोनों को रिमांड पर लिया था। कोर्ट ने सभी तथ्यों को सुनने के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। क्राइम ब्रांच की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापामार कर आरोपी सतीश को सेक्टर-5 स्थित बस स्टैंड और आरोपी किरपाल मेहता को माजरी चौक से काबू किया था। दोनों शिमला भागने की फिराक में थे। पंचकूला हिंसा के बाद दोनों आरोपियों को कोर्ट ने भगोड़ा घोषित कर दिया था। पुलिस ने आरोपी किरपाल और सतीश कुमार मेहता पर आईपीसी की धारा -148, 149, 436, 506 और आर्म्स एक्ट केे तहत केस दर्ज किया था। पुलिस जांच में सामने आया था कि सतीश कुमार मेहता हिसार स्थित डेरे का वरिष्ठ सेवादार था। वह हिसार से लोगों को गाड़ी में भरकर सेक्टर -23 स्थित आश्रम में लाया था। प्लानिंग की थी कि यदि बाबा रिहा हो गए तो वहां सत्संग करेंगे। यदि बाबा को सजा हुई तो हिंसा करेगा। किरपाल पर आरोप है कि उसने इनोवा गाड़ी में प्रिंटर और जनरेटर लगा रखा था, जिसे बरामद कर लिया गया है।
विज्ञापन