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......न ड्राइवर न कर्मी और न हाइड्रॉलिक प्लेटफॉर्म
Updated Wed, 16 May 2018 01:56 AM IST
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......न ड्राइवर, न कर्मी और न हाइड्रॉलिक प्लेटफॉर्म
- बगैर ट्रेनिंग, कैसे आग बुझाएंगे होमगार्ड के जवान
- हड़ताल पर बैठे कच्चे कर्मियों की भरपाई के लिए बुुलाए होमगार्ड के जवान
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। अगर पंचकूला में कहीं आग लगी हो तो इसे बुझाने के लिए होमगार्ड के जवान पहुंचेंगे। हैरानी की बात तो यह है कि होमगार्ड के इन जवानों को न तो फायर सेफ्टी को लेकर विशेष ट्रेनिंग दी गई है और न ही हैवी व्हीकल का ड्राइविंग लाइसेंस है। अगर, बढ़ती गर्मियों के दौरान कहीं आग की घटना हो जाए और कर्मियों की हड़ताल जारी रही तो हालात और भी बुरे हो जाएंगे।
पंचकूला के फायर स्टेशन के तहत पंचकूला, कालका और बरवाला में फायर ब्रिगेड की करीब एक दर्जन गाड़ियां हैं। इनके लिए विभाग के चार ड्राइवर हैं जबकि फिलहाल हड़ताल में शामिल 20 से अधिक कर्मी अपनी ड्यूटी पर नहीं पहुंच रहे हैं। अगर एक साथ दो जगहों पर आग की घटना हो और एक जगह मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में आग लग जाए तो अग्निशमन विभाग के पास मौजूद हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म भी खराब है। होमगार्ड कर्मियों को आग बुझाने की विशेष ट्रेनिंग न होने की वजह से आग बुझाने में मुश्किलें पेश आएंगी और हो सकता है कि हालात और गंभीर हो जाए।
ड्राइवर की भी नगर निगम से की गई मांग
स्टेशन फायर ऑफिसर एसएस मलिक से जब पूछा गया कि ड्राइवरों की कमी कैसे पूरी करेंगे तो बताया कि इसके लिए नगर निगम से हैवी व्हीकल ड्राइविंग लाइसेंस धारकों की मांग की गई है। हालांकि उन्होंने बताया कि कई ऐसे फायरमैन हैं, जिनके पास यह लाइसेंस है और आकस्मिक परिस्थितियों में गाड़ियां चला सकते हैं। ड्यूटी पर होमगार्ड के जवानों को शामिल करने के बारे में मलिक ने बताया कि उन्हें सहयोग के लिए लगाया जाएगा, जबकि आग को बुझाने के लिए उनके साथ स्थायी कर्मियों को भेजा जाएगा।
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अगले आदेश तक छुट्टियां रद्द, 12 घंटे की ड्यूटी
हड़ताल के कारण अग्निशमन विभाग में कोई अनहोनी न हो इसके लिए सभी कर्मियों की छुट्टियां अगले आदेश तक रद्द कर दी गई हैं। इतना हीं नहीं, ड्यूटी पर मौजूद कर्मियों को आठ की बजाय रोजाना 12 घंटे की ड्यूटी करनी पड़ रही है। इससे भी फायर कर्मियों की मुश्किलें और बढ़ती जा रही हैं। हालांकि स्टेशन फायर ऑफिसर का कहना है कि हालात से निपटने के लिए सभी तैयारियां हैं और किसी भी हालात से निपटने के लिए सक्षम हैं।
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- बगैर ट्रेनिंग, कैसे आग बुझाएंगे होमगार्ड के जवान
- हड़ताल पर बैठे कच्चे कर्मियों की भरपाई के लिए बुुलाए होमगार्ड के जवान
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। अगर पंचकूला में कहीं आग लगी हो तो इसे बुझाने के लिए होमगार्ड के जवान पहुंचेंगे। हैरानी की बात तो यह है कि होमगार्ड के इन जवानों को न तो फायर सेफ्टी को लेकर विशेष ट्रेनिंग दी गई है और न ही हैवी व्हीकल का ड्राइविंग लाइसेंस है। अगर, बढ़ती गर्मियों के दौरान कहीं आग की घटना हो जाए और कर्मियों की हड़ताल जारी रही तो हालात और भी बुरे हो जाएंगे।
पंचकूला के फायर स्टेशन के तहत पंचकूला, कालका और बरवाला में फायर ब्रिगेड की करीब एक दर्जन गाड़ियां हैं। इनके लिए विभाग के चार ड्राइवर हैं जबकि फिलहाल हड़ताल में शामिल 20 से अधिक कर्मी अपनी ड्यूटी पर नहीं पहुंच रहे हैं। अगर एक साथ दो जगहों पर आग की घटना हो और एक जगह मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में आग लग जाए तो अग्निशमन विभाग के पास मौजूद हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म भी खराब है। होमगार्ड कर्मियों को आग बुझाने की विशेष ट्रेनिंग न होने की वजह से आग बुझाने में मुश्किलें पेश आएंगी और हो सकता है कि हालात और गंभीर हो जाए।
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ड्राइवर की भी नगर निगम से की गई मांग
स्टेशन फायर ऑफिसर एसएस मलिक से जब पूछा गया कि ड्राइवरों की कमी कैसे पूरी करेंगे तो बताया कि इसके लिए नगर निगम से हैवी व्हीकल ड्राइविंग लाइसेंस धारकों की मांग की गई है। हालांकि उन्होंने बताया कि कई ऐसे फायरमैन हैं, जिनके पास यह लाइसेंस है और आकस्मिक परिस्थितियों में गाड़ियां चला सकते हैं। ड्यूटी पर होमगार्ड के जवानों को शामिल करने के बारे में मलिक ने बताया कि उन्हें सहयोग के लिए लगाया जाएगा, जबकि आग को बुझाने के लिए उनके साथ स्थायी कर्मियों को भेजा जाएगा।
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अगले आदेश तक छुट्टियां रद्द, 12 घंटे की ड्यूटी
हड़ताल के कारण अग्निशमन विभाग में कोई अनहोनी न हो इसके लिए सभी कर्मियों की छुट्टियां अगले आदेश तक रद्द कर दी गई हैं। इतना हीं नहीं, ड्यूटी पर मौजूद कर्मियों को आठ की बजाय रोजाना 12 घंटे की ड्यूटी करनी पड़ रही है। इससे भी फायर कर्मियों की मुश्किलें और बढ़ती जा रही हैं। हालांकि स्टेशन फायर ऑफिसर का कहना है कि हालात से निपटने के लिए सभी तैयारियां हैं और किसी भी हालात से निपटने के लिए सक्षम हैं।