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स्वच्छता के नाम लाखों खर्च , फिर भी पंचकूला में गंदगी

Mon, 08 Jan 2018 01:14 AM IST
Updated Mon, 08 Jan 2018 01:14 AM IST
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स्वच्छता के नाम लाखों खर्च , फिर भी पंचकूला में गंदगी
विधायक व निगम के अधिकारी साफ सड़कों की करते हैं सफाई
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- स्वच्छता सर्वेक्षण के नाम पर लाखों खर्च करने के बाद भी पंचकूला में गंदगी ही गंदगी
- विधायक के साथ निगम के अधिकारी साफ सडकों की करते है सफाई
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
स्वच्छता सर्वेक्षण के चलते पंचकूला नगर निगम प्रचार-प्रसार में लाखों रुपये खर्च, भारी भरकम सफाई कर्मियों की फौज, विधायक के साथ साथ निगम के अधिकारी भी साफ सड़कों व पार्कों में झाड़ू लगाते दिखे, लेकिन नतीजा जीरो। भारत सरकार की ओर से 2018 में 4041 शहरों में स्वच्छता सर्वेक्षण कराया जा रहा है। साल 2017 में देश के 434 शहरों में स्वच्छता सर्वेक्षण किया गया था। इसमें पंचकूला 211वें रैंक पर रहा था। 2018 में होने वाला स्वच्छता सर्वेक्षण बीते वर्ष के मुकाबले ज्यादा मुश्किल होगा, क्योंकि इसमें शहरों की संख्या करीब दस गुणा बढ़ गई है। सर्वे के दौरान केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की टीम यहां आकर शहर के लोगों से पूछेगी कि उनका पंचकूला कितना साफ है। रविवार को अमर उजाला टीम ने पंचकूला की सफाई व्यवस्था का जायजा लिया।

सेक्टर-20 में मिली जगह-जगह गंदगी:
शहर के सेक्टर-20 में जगह-जगह गंदगी के ढेर मिले। लोगों ने बताया कि सफाई के नाम पर यहां पर खानापूर्ति होती है। कई-कई दिनों तक कूड़ा पड़ा रहता है। टीम को सेंट जेवियर स्कूल के सामने गंदगी का ढेर दिखा, जबकि स्कूल के पास गंदगी के अलग से नंबर है।
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सेक्टर-9 में निगम के स्वच्छता के बोर्ड के नीचे ही कूडे़ का ढेर:
सेक्टर-आठ व नौ की डिवाईडिंग रोड पर सेक्टर-9 में निगम द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण का एक बोर्ड रखा हुआ है, बोर्ड के नीचे ही कूडे़ का ढेर पडा था। जबकि निगम के अधिकारी कहते है कि सभी सेक्टरो में रोजाना सफाई होती । नाइट स्वीपिंग के नाम पर भी खेल होता है । यदि कर्मचारी रात में सफाई करते है तो सुबह को कूडा कहां से आ जाता है।
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इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 में सड़क पर पडे़ कूडे़ में आवारा जानवरों का जमावड़ा:
इंडस्ट्रिय एरिया फेज-2 में कूड़ा सड़क पर ही फैला था जहां पर आवारा जानवर का जमावड़ा लगा था। जबकि उपायुक्त ने भी आवारा जानवरों को पकड़ने के आदेश जारी किए है। उसके बाद भी निगम इस ओर ध्यान नहीं देता।

हर बार अधिकारी और विधायक उसी जगह सफाई करते हैं, जिसका ठेका निजी ठेकेदार को दिया गया है। वहां पहले से ही सफाई होती है । झाड़ू लेकर फोटो खिंचवाना स्वच्छता सर्वेक्षण की नींव को कमजोर बना रहा है। जमीनी स्तर पर स्वच्छता को लेकर काम होना चाहिए। - सुभाष पपनेजा निवासी सेक्टर-16, पंचकूला

निगम के अधिकारी और विधायक कभी स्वच्छता के लिए इंदिरा कालोनी व राजीव कालोनी में आएं, यहां आकर झाड़ू लगाएं, साफ जगह पर तो कोई भी झाड़ू लगा ले। यदि अभियान चलाना है तो शहर की कालोनी को साफ करके दिखाएं - डॉ. रामप्रसाद, इंदिरा कालोनी निवासी


निगम के द्वारा स्वच्छता के नाम पर फोटो खींचो अभियान चलाया जा रहा है। अगर सेक्टरों में सफाई करनी है तो जमीनी स्तर पर करें। उन्होंने सेक्टर-15 की नाइट स्वीपिंग का उदाहरण देकर बताया कि यहां नाइट स्वीपिंग अभियान चलाया गया, लेकिन 25 मिनट बाद ही कर्मचारी गायब मिले तथा सुबह से सेक्टर में कूड़े के ढेर पडे़ थे। - एसके नैयर, निवासी सेक्टर-16
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