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जिला सचिवालय में सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों के प्रतिनिधियों की बैठक
Updated Thu, 14 Sep 2017 01:24 AM IST
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ट्रांसजेंडरों को सौंपी जा सकती है स्कूल बसों के सुरक्षा की कमान
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
जिला प्रशासन ने गुरुग्राम के स्कूल में हुई बच्चे की हत्या की वारदात के मद्देनजर सभी सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों के प्रतिनिधियों की बैठक कर सुरक्षा से जुड़े बिंदुओं पर चर्चा की। बैठक की अध्यक्षता एडीसी राजेश जोगपाल ने की। इस दौरान एडीसी ने स्कूलों के प्रतिनिधियों को उनके स्कूल में काम करने वाले बस ड्राइवर, कंडक्टर व अन्य सहायक कर्मचारियों की पुलिस वेरिफिकेशन व मेडिकल जांच कराने सहित सुरक्षा से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं का दृढ़ता से पालन करने के निर्देश दिए। पंचकूला के एडीसी राजेश जोगपाल ने कहा कि स्कूलों की बसों में पुरुष कंडक्टर के स्थान पर महिला कंडक्टर की तैनाती भी सुनिश्चित करें। अगर महिला कंडक्टर उपलब्ध नहीं होते तो वे इसके लिए ट्रांसजेंडर की भी इस दिशा में नियुक्ति कर सकते हैं। उन्हें रोजगार मिलने के साथ-साथ बच्चों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो जाएगी।
इस दौरान पुलिस विभाग की ओर से कर्मचारियों की वेरिफिकेशन के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा के बारे में भी बताया गया। इसके अलावा जिला सूचना विज्ञान अधिकारी सतपाल शर्मा ने स्कूलों के प्रतिनिधियों को कैमरों के संबंध में कई महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बिना लाइव कंट्रोल रूम के सीसीटीवी कैमरे खिलौनों के समान हैं, इसलिए लाइव कंट्रोल रूम जरूर बनवाएं।
लाइव कंट्रोल रूम बनाएं
एडीसी ने स्कूल के प्रतिनिधियों से कहा कि उनके स्कूलों में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की प्रॉपर चेकिंग करें। स्कूल में एक लाइव कंट्रोल रूम की बनाएं। जिससे स्कूल में होने वाली हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। इसके लिए एक सक्षम व्यक्ति की भी नियुक्ति करें व एक मॉनिटरिंग सिस्टम प्रिंसिपल के कमरे में भी लगाएं। उन्होंने स्कूलों को यह भी परामर्श दिया कि बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर सभी स्कूल अपना सुरक्षा ऑडिट कराना सुनिश्चित करें। ताकि उन्हें स्वयं अपने स्कूलों की सुरक्षा की दिशा में पाए जाने वाली कमियों की जानकारी मिल सके और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जा सके।
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ध्यान रखें कोई कर्मचारी ड्रग्स न लेता हो
एडीसी ने स्कूल प्रतिनिधियों से कहा कि स्कूल प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि उनके स्कूल में काम करने वाला कोई भी कर्मचारी ड्रग्स न लेता हो। बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिगत उन्हें छुट्टी के लिए मना न करें। बल्कि एक दिन पहले ही उनकी छुट्टी लेना सुनिश्चित करें। या फिर अभिभावकों को अपना नंबर दें ताकि वे स्कूल प्रशासन को इस दिशा में बता सकें कि उनका बच्चा स्कूल आ रहा है या नहीं।
स्कूल में मोबाइन फोन पर लगाए प्रतिबंध
एडीसी ने कहा कि स्कूल में स्कूल में मोबाइल फोन पूरी तरह से बैन कर दिया गया है। जिसका पालन करना सुनिश्चित करें। एडीसी ने कहा कि प्रशासन की बनाई गई टीमें स्कूलों का निरीक्षण भी करेंगी और अगर सुरक्षा में कोई चूक मिली तो संबंधित विभाग की ओर से इस दिशा में कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी एचएस सैनी, पुलिस विभाग के अधिकारियों सहित सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
जिला प्रशासन ने गुरुग्राम के स्कूल में हुई बच्चे की हत्या की वारदात के मद्देनजर सभी सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों के प्रतिनिधियों की बैठक कर सुरक्षा से जुड़े बिंदुओं पर चर्चा की। बैठक की अध्यक्षता एडीसी राजेश जोगपाल ने की। इस दौरान एडीसी ने स्कूलों के प्रतिनिधियों को उनके स्कूल में काम करने वाले बस ड्राइवर, कंडक्टर व अन्य सहायक कर्मचारियों की पुलिस वेरिफिकेशन व मेडिकल जांच कराने सहित सुरक्षा से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं का दृढ़ता से पालन करने के निर्देश दिए। पंचकूला के एडीसी राजेश जोगपाल ने कहा कि स्कूलों की बसों में पुरुष कंडक्टर के स्थान पर महिला कंडक्टर की तैनाती भी सुनिश्चित करें। अगर महिला कंडक्टर उपलब्ध नहीं होते तो वे इसके लिए ट्रांसजेंडर की भी इस दिशा में नियुक्ति कर सकते हैं। उन्हें रोजगार मिलने के साथ-साथ बच्चों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो जाएगी।
इस दौरान पुलिस विभाग की ओर से कर्मचारियों की वेरिफिकेशन के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा के बारे में भी बताया गया। इसके अलावा जिला सूचना विज्ञान अधिकारी सतपाल शर्मा ने स्कूलों के प्रतिनिधियों को कैमरों के संबंध में कई महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बिना लाइव कंट्रोल रूम के सीसीटीवी कैमरे खिलौनों के समान हैं, इसलिए लाइव कंट्रोल रूम जरूर बनवाएं।
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लाइव कंट्रोल रूम बनाएं
एडीसी ने स्कूल के प्रतिनिधियों से कहा कि उनके स्कूलों में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की प्रॉपर चेकिंग करें। स्कूल में एक लाइव कंट्रोल रूम की बनाएं। जिससे स्कूल में होने वाली हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। इसके लिए एक सक्षम व्यक्ति की भी नियुक्ति करें व एक मॉनिटरिंग सिस्टम प्रिंसिपल के कमरे में भी लगाएं। उन्होंने स्कूलों को यह भी परामर्श दिया कि बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर सभी स्कूल अपना सुरक्षा ऑडिट कराना सुनिश्चित करें। ताकि उन्हें स्वयं अपने स्कूलों की सुरक्षा की दिशा में पाए जाने वाली कमियों की जानकारी मिल सके और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जा सके।
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ध्यान रखें कोई कर्मचारी ड्रग्स न लेता हो
एडीसी ने स्कूल प्रतिनिधियों से कहा कि स्कूल प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि उनके स्कूल में काम करने वाला कोई भी कर्मचारी ड्रग्स न लेता हो। बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिगत उन्हें छुट्टी के लिए मना न करें। बल्कि एक दिन पहले ही उनकी छुट्टी लेना सुनिश्चित करें। या फिर अभिभावकों को अपना नंबर दें ताकि वे स्कूल प्रशासन को इस दिशा में बता सकें कि उनका बच्चा स्कूल आ रहा है या नहीं।
स्कूल में मोबाइन फोन पर लगाए प्रतिबंध
एडीसी ने कहा कि स्कूल में स्कूल में मोबाइल फोन पूरी तरह से बैन कर दिया गया है। जिसका पालन करना सुनिश्चित करें। एडीसी ने कहा कि प्रशासन की बनाई गई टीमें स्कूलों का निरीक्षण भी करेंगी और अगर सुरक्षा में कोई चूक मिली तो संबंधित विभाग की ओर से इस दिशा में कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी एचएस सैनी, पुलिस विभाग के अधिकारियों सहित सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।