{"_id":"598b63f44f1c1b83758b45df","slug":"15023073232-pkl-office-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मजदूरों के हक को लेकर सी.एम.विंडों पर शिकायत, एक साल से बकाया लाखों रूपया दिलवाने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मजदूरों के हक को लेकर सी.एम.विंडों पर शिकायत, एक साल से बकाया लाखों रूपया दिलवाने की मांग
Updated Thu, 10 Aug 2017 01:05 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वन विभाग ने एक साल से नहीं दी मजदूरी, सीएम विंडो पर शिकायत
मजदूर बोले- शोषण करने वाले अफसरों को सस्पेंड करने किया जाए
घर चलाना हुआ मुश्किल, मानसिक तौर पर किया जा रहा है परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
मोरनी।
देश व राष्ट्र के निर्माण में बैक बोर्न कहे जाने वाले मजूदरों का सरकारी महकमे जमकर शोषण कर रहे हैं। यह शोषण काम के बाद मजदूरी न देने के तौर पर हो रहा है। ऐेसा ही एक उदाहरण मोरनी खंड में देखने को मिला। यहां पिछले एक साल से मजदूरी के लिए भटक रहे मजूदरों ने वन विभाग के खिलाफ सीएम विंडो पर शिकायत देकर बकाया पैसा दिलाने की मांग कर शोषण करने वाले अफसरों को सस्पेंड करने की मांग की है। आरोप है कि मजदूरों को उनका मेहनताना न देकर उन्हें परेशान किया जा रहा है। जिससे उन्हें मानसिक परेशानी के साथ आर्थिक परेशानी भी झेलनी पड़ रही है। मांधना पंचायत के दर्जनों मजदूरों ने बताया कि उन्होंने मोरनी पिंजौर वन मंडल के तहत पड़ने वाली थापली ब्लॉक में वर्ष 2016 जून जुलाई में साफ सफाई व पौधरोपण का कार्य कराया गया था। जिसके बाद आज तक उन्हें उसकी मजदूरी नहीं दी जा रही है। उन्हें घर का खर्च चलाने के लिए दर दर भटकाया जा रहा है। आरोप है कि 25 से तीस मजदूरों का लाखों की राशि पैसा वन विभाग पर बकाया है, जिसे पाने के लिए कई बार विभाग के अधिकारियों के चक्कर काट चुके हैं। लेकिन हर बार अनदेखी कर टरका दिया जाता है। इन मजदूरों ने हरियाण के मुख्यमंत्री के अलावा वन विभाग के प्रधाच सचिव पीपी भोजवेद्य से मामले में संज्ञान लेने का आग्रह करते हुए बकाया वेतन देने और लापरवाही बरतने वाले अफसरों को सस्पेंड करने की मांग की है।
विज्ञापन
मजदूर बोले- शोषण करने वाले अफसरों को सस्पेंड करने किया जाए
घर चलाना हुआ मुश्किल, मानसिक तौर पर किया जा रहा है परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
मोरनी।
देश व राष्ट्र के निर्माण में बैक बोर्न कहे जाने वाले मजूदरों का सरकारी महकमे जमकर शोषण कर रहे हैं। यह शोषण काम के बाद मजदूरी न देने के तौर पर हो रहा है। ऐेसा ही एक उदाहरण मोरनी खंड में देखने को मिला। यहां पिछले एक साल से मजदूरी के लिए भटक रहे मजूदरों ने वन विभाग के खिलाफ सीएम विंडो पर शिकायत देकर बकाया पैसा दिलाने की मांग कर शोषण करने वाले अफसरों को सस्पेंड करने की मांग की है। आरोप है कि मजदूरों को उनका मेहनताना न देकर उन्हें परेशान किया जा रहा है। जिससे उन्हें मानसिक परेशानी के साथ आर्थिक परेशानी भी झेलनी पड़ रही है। मांधना पंचायत के दर्जनों मजदूरों ने बताया कि उन्होंने मोरनी पिंजौर वन मंडल के तहत पड़ने वाली थापली ब्लॉक में वर्ष 2016 जून जुलाई में साफ सफाई व पौधरोपण का कार्य कराया गया था। जिसके बाद आज तक उन्हें उसकी मजदूरी नहीं दी जा रही है। उन्हें घर का खर्च चलाने के लिए दर दर भटकाया जा रहा है। आरोप है कि 25 से तीस मजदूरों का लाखों की राशि पैसा वन विभाग पर बकाया है, जिसे पाने के लिए कई बार विभाग के अधिकारियों के चक्कर काट चुके हैं। लेकिन हर बार अनदेखी कर टरका दिया जाता है। इन मजदूरों ने हरियाण के मुख्यमंत्री के अलावा वन विभाग के प्रधाच सचिव पीपी भोजवेद्य से मामले में संज्ञान लेने का आग्रह करते हुए बकाया वेतन देने और लापरवाही बरतने वाले अफसरों को सस्पेंड करने की मांग की है।