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जरूरत पडी तो कर्मचारियों के हकों के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खट्खटाएंगे: एचएमटी बचाओ संघर्ष समिति

Sat, 17 Jun 2017 01:32 AM IST
Updated Sat, 17 Jun 2017 01:32 AM IST
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जरूरत पडी तो  कर्मचारियों के हकों के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खट्खटाएंगे: एचएमटी बचाओ संघर्ष समिति
जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट जाएंगे: एचएमटी बचाओ संघर्ष समिति
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पिंजौर। कालका हलके में यह पहली बार हुआ है जब बीजेपी को छोड़कर सभी राजनीतिक पार्टियां एचएमटी बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले एकजुट हुई हैं। कंपनी को बंद होने से बचाने के लिए हजारों लोगों ने पैदल मार्च भी किया। यह बात एचएमटी आवासीय परिसर में स्थित गौरी शंकर मंदिर की धर्मशाला में एकत्रित सैकड़ों कर्मचारियों को संबोधित हुए एचएमटी बचाओ संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कही। समिति के संरक्षक विजय बंसल के साथ विभिन्न राजनीतिक पार्टियों से पहुंचे वरिष्ठ नेता मनवीर कौर गिल, बलवान ठाकुर, नरेश मान, सतविंद्रर टोनी सहित अन्य ने कंपनी कर्मचारियों को कहा कि राजनीतिक और पार्टी लेवल से ऊपर उठकर वह हर समय साथ हैं। वक्ताओं ने कहा कि एचएमटी बचाओ संघर्ष समिति के संरक्षक विजय बंसल के आह्वान पर केंद्र के निर्णय के विरोध पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में लगभग 200 कर्मचारियों ने जनहित याचिका डाली। 31 मई 2017 को हाईकोर्ट ने कर्मचारियों की समस्या के समाधान के लिए केंद्र के भारी उद्योग मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित करने आदेश दिए हैं। विजय बंसल ने कहा कि कोर्ट से ऊपर कोई नहीं है। जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट भी जाएंगे। वहीं दूसरी ओर प्रदेश महासचिव कांग्रेस मनवीर कौर गिल ने एचएमटी कंपनी के ट्रैक्टर डिवीजन को बंद करने के फैसले पर बीजेपी सरकार को जमकर कोसा।
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