देखिए, वो हादसा जिसने छीन ली 12 जिंदगियां, तस्वीरें बता देंगी कि कितना दर्दनाक था एक्सीडेंट। घटनास्थल के हालात देखकर किसी के भी रौंगटे खड़े हो जाएंगे।
हादसे के बाद सड़क पर किसी का हाथ कटकर पड़ा हुआ था तो किसी की गर्दन ही धड़ से अलग हो गई थी। सड़क पर काफी दूर तक शरीर के अंग व खून ही खून फैला पड़ा था, जिससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि ट्राला ने किस तरह स्पीड से क्रूजर में टक्कर मारी होगी।
क्रूजर व स्विफ्ट के परखच्चे उड़ने के कारण अधिकतर लोग उनके अंदर ही फंस गए। पहले लोगों को खिड़की खोलकर निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन लोग ऐसे फंसे थे कि उनको आसानी से नहीं निकाला जा सकता था। काफी देर तक जद्दोजहद होती रही। फिर क्रूजर के पुर्जे काटे गए और उनको तोड़कर हटाया गया। उसके बाद ही शवों को व अन्य घायल लोगों को निकाला जा सका, पर हादसे के बाद का मंजर खौफनाक था।
पता चला है कि परिवार का पेट पालने के लिए यूपी के शामली, मुजफ्फरनगर और बागपत जिलों के युवाओं ने अपना घर छोड़कर भिवानी में कपड़े का काम शुरू किया था। सभी एक-दूसरे से रिश्तेदारी या जान-पहचान के कारण जुड़े थे। भिवानी में रहकर सभी कपड़े की फेरी लगाते थे। इनके परिवारों को क्या पता था कि हादसे में 11 युवाओं को जिंदगी खत्म हो जाएगी। जैसे ही हादसे की खबर घर पहुंची, चीख पुकार मच गई।
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सड़क हादसे में क्षतिग्रस्त कार
- फोटो : अमर उजाला
यूपी के कैराना के मोहल्ला गुली छडियान निवासी फरमान ने मोहल्ले के फारूख, शामली के गांव अकबरपुर सुन्हेटी निवासी सरवेज, कैराना के गांव पंजीट निवासी सबनूर, मुजफ्फरनगर के शाहपुर निवासी तहसीम, सादाब और जैद उर्फ काला, शामली निवासी सुहैल, मुजफ्फरनगर के गांव बुढ़ाना निवासी मुबारक, बागपत के कस्बा छपरौली निवासी दानिश व छपरौली के पट्टी चौधराण निवासी कासिम तथा अन्य साथियों के साथ मिलकर भिवानी में कपड़े की फेरी लगाते थे।