{"_id":"5995a3374f1c1bc1098b4620","slug":"10-year-old-rape-survivor-in-chandigarh-delivers-baby","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"10 साल की रेप पीड़िता ने दिया बच्चे को जन्म, पढ़िए लड़की के पिता ने क्या कहा...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
10 साल की रेप पीड़िता ने दिया बच्चे को जन्म, पढ़िए लड़की के पिता ने क्या कहा...
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 18 Aug 2017 10:48 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : Demo Pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दस साल की रेप पीड़िता ने सेक्टर- 32 स्थित मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में वीरवार को बेटी को जन्म दिया। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। ऑपरेशन (सीजेरियन) से जन्मे नवजात का वजन दो किलो 100 ग्राम बताया गया है। उसे हास्पिटल के नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (नीकू) में विशेष निगरानी में रखा गया है, जबकि बच्ची को कुछ घंटे आपरेशन थिएटर में रखने के बाद उसे प्राइवेट रूम में शिफ्ट कर दिया गया है।
मेडिकल कालेज के कार्यवाहक डायरेक्टर डॉ. एके जनमेजा ने बताया कि बच्ची की प्रेग्नेंसी 36 हफ्ते के करीब पहुंच गई थी। प्लान था कि लेबर पेन में जाने से ठीक पहले उसका ऑपरेशन कर दिया जाए ताकि किसी तरह की दिक्कत न आए। वीरवार सुबह उसे ऑपरेशन थिएटर (ओटी) ले जाया गया और करीब नौ बजकर 32 मिनट पर उसने बेटी को जन्म दिया।
विज्ञापन
मेडिकल कालेज के कार्यवाहक डायरेक्टर डॉ. एके जनमेजा ने बताया कि बच्ची की प्रेग्नेंसी 36 हफ्ते के करीब पहुंच गई थी। प्लान था कि लेबर पेन में जाने से ठीक पहले उसका ऑपरेशन कर दिया जाए ताकि किसी तरह की दिक्कत न आए। वीरवार सुबह उसे ऑपरेशन थिएटर (ओटी) ले जाया गया और करीब नौ बजकर 32 मिनट पर उसने बेटी को जन्म दिया।
विज्ञापन
बच्ची के पिता ने नवजात को अपनाने से मना किया
मेडिकल कॉलेज का यह पहला केस है, जब दस वर्षीय बच्ची की डिलीवरी को अंजाम दिया गया हो। गाइनी डिपार्टमेंट के डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची का ऑपरेशन करना उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण था, लेकिन बेहतर टीम और प्लानिंग से कोई दिक्कत नहीं आई। डाक्टरों के मुताबिक बच्ची को करीब एक हफ्ता रखने के बाद छुट्टी दे दी जाएगी, जबकि नवजात को चार से पांच दिन के बाद।
बच्ची के पिता ने नवजात को अपनाने से मना किया
दस वर्षीय बच्ची के पिता ने नवजात को अपनाने से मना कर दिया है। पिता ने दो दिन पहले इस बारे में मेडिकल कॉलेज प्रशासन को पत्र लिखा था। उन्होंने कहा था कि उन्हें व उनकी बेटी को जन्म लेने वाले बच्चे का मुंह न दिखाया जाए।
डा. जनमेजा के मुताबिक नीकू से डिस्चार्ज होने के बाद नवजात को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) को सौंप दिया जाएगा। सीडब्ल्यूसी नवजात के गोद लेने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा। जब तक बच्ची को गोद नहीं लिया जाता, तब तक वह सेक्टर- 15 स्थित आशियाना में रहेगी।
बच्ची के पिता ने नवजात को अपनाने से मना किया
दस वर्षीय बच्ची के पिता ने नवजात को अपनाने से मना कर दिया है। पिता ने दो दिन पहले इस बारे में मेडिकल कॉलेज प्रशासन को पत्र लिखा था। उन्होंने कहा था कि उन्हें व उनकी बेटी को जन्म लेने वाले बच्चे का मुंह न दिखाया जाए।
डा. जनमेजा के मुताबिक नीकू से डिस्चार्ज होने के बाद नवजात को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) को सौंप दिया जाएगा। सीडब्ल्यूसी नवजात के गोद लेने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा। जब तक बच्ची को गोद नहीं लिया जाता, तब तक वह सेक्टर- 15 स्थित आशियाना में रहेगी।
सात माह की प्रेग्नेंसी के बाद हुआ था खुलासा
10 साल की रेप पीड़िता मां बनी
- फोटो : DEMO Pics
मिल्क बैंक से मिलेगा नवजात को मां का दूध
अस्पताल प्रशासन नवजात को मां के दूध की कमी नहीं होने देगा। मेडिकल कॉलेज में एक मिल्क बैंक स्थापित है, जिसमें मां का दूध स्टोरेज होता है। इसमें महिलाएं अपना दूध जमा करती हैं। इससे उन नवजात को दूध मिलता है, जिन्हें मां का दूध नसीब नहीं होता। प्रोफेसर जनमेजा के मुताबिक जब तक नवजात अस्पताल में रहेगी, तब तक उसे मिल्क बैंक से दूध पिलाया जाएगा। अस्पताल जाने के बाद भी यदि जरूरत पड़ी तो मां का दूध उपलब्ध कराया जाएगा।
सात माह की प्रेग्नेंसी के बाद हुआ था खुलासा
बच्ची को उसके मामा ने हवस का शिकार बनाया था। कई बार उससे रेप किया। बीते महीने के दूसरे हफ्ते जब बच्ची के पेट में दर्द हुआ तो उसकी मां उसे डॉक्टर के पास लेकर गई। वहां पर डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची सात महीने की प्रेग्नेंट है। उसके बाद मामला पुलिस में पहुंचा। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि उसके मामा ने ही उससे रेप किया था। पुलिस ने मामा को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया है।
अस्पताल प्रशासन नवजात को मां के दूध की कमी नहीं होने देगा। मेडिकल कॉलेज में एक मिल्क बैंक स्थापित है, जिसमें मां का दूध स्टोरेज होता है। इसमें महिलाएं अपना दूध जमा करती हैं। इससे उन नवजात को दूध मिलता है, जिन्हें मां का दूध नसीब नहीं होता। प्रोफेसर जनमेजा के मुताबिक जब तक नवजात अस्पताल में रहेगी, तब तक उसे मिल्क बैंक से दूध पिलाया जाएगा। अस्पताल जाने के बाद भी यदि जरूरत पड़ी तो मां का दूध उपलब्ध कराया जाएगा।
सात माह की प्रेग्नेंसी के बाद हुआ था खुलासा
बच्ची को उसके मामा ने हवस का शिकार बनाया था। कई बार उससे रेप किया। बीते महीने के दूसरे हफ्ते जब बच्ची के पेट में दर्द हुआ तो उसकी मां उसे डॉक्टर के पास लेकर गई। वहां पर डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची सात महीने की प्रेग्नेंट है। उसके बाद मामला पुलिस में पहुंचा। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि उसके मामा ने ही उससे रेप किया था। पुलिस ने मामा को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया है।