फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Patna News ›   Bihar News: Historical consensus reached on sharing of Son water, way cleared for Indrapuri Reservoir Project

Bihar News: सोन जल बंटवारे पर बनी ऐतिहासिक सहमति, इंद्रपुरी जलाशय परियोजना का रास्ता साफ

Fri, 11 Jul 2025 11:23 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Fri, 11 Jul 2025 11:23 PM IST
सार

Patna News: जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि किशनगंज जिले के ठाकुरगंज, पोठिया और किशनगंज प्रखंड में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से महानंदा नदी पर तैयबपुर के पास बराज निर्माण का डीपीआर तैयार किया जा रहा है।

विज्ञापन
Bihar News: Historical consensus reached on sharing of Son water, way cleared for Indrapuri Reservoir Project
जल संसाधन विभाग, बिहार सरकार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पटना स्थित सिंचाई भवन में जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की 27वीं बैठक के महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी दी गई। यह बैठक 10 जुलाई 2025 को रांची में भारत सरकार के गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में संपन्न हुई थी, जिसमें बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच वर्षों से लंबित जल संसाधन संबंधी मुद्दों पर सहमति बनी।

विज्ञापन

 
प्रेस कॉन्फ्रेंस में विजय कुमार चौधरी ने बताया कि सोन नदी के जल बंटवारे के मामले में ऐतिहासिक सहमति बनी है, जिससे इंद्रपुरी जलाशय परियोजना के कार्यान्वयन का मार्ग प्रशस्त हुआ है। वर्ष 2000 में झारखंड के गठन के बाद यह मुद्दा लगातार अटका हुआ था। 1973 के बाणसागर समझौते के तहत अविभाजित बिहार को 7.75 मिलियन एकड़ फीट (एमएएफ) जल आवंटित था। झारखंड बार-बार इस जल का हिस्सा मांग रहा था, जिससे बिहार की इंद्रपुरी परियोजना अटक गई थी।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें- Bihar News: 35 लाख के धान गबन मामले में फरार पैक्स अध्यक्ष गिरफ्तार, प्रबंधक अब भी फरार
विज्ञापन
विज्ञापन

 
अब सहमति बनी है कि बिहार को 5.75 एमएएफ और झारखंड को 2.00 एमएएफ जल मिलेगा। इस फैसले से भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, पटना, गया और अरवल जिलों में सिंचाई की सुविधा को स्थायित्व मिलेगा।
 
गाद प्रबंधन नीति पर केंद्र ने दिखाया सकारात्मक रुख
राज्य में हर वर्ष आने वाली बाढ़ की विभीषिका से निजात पाने के लिए लंबे समय से बिहार द्वारा व्यापक गाद प्रबंधन नीति की मांग की जा रही थी। केंद्रीय जल आयोग द्वारा प्रस्तुत 'नेशनल फ्रेमवर्क फॉर सेडिमेंट मैनेजमेंट' रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया है कि गाद हटाना आर्थिक रूप से व्यावहारिक और आवश्यक है।
 
बैठक में विमर्श के दौरान निष्कर्ष निकला कि गाद के बिना बाढ़ से राहत संभव नहीं है। खासतौर पर गंगा में कोशी, कमला, बागमती और गंडक जैसी नदियों से आने वाली गाद के कारण राज्य की जल वहन क्षमता में भारी गिरावट आई है। इसका परिणाम यह होता है कि बहुत कम बारिश में भी बाढ़ जैसी स्थितियां उत्पन्न हो जाती हैं। नदी तल ऊंचा होने से हर वर्ष बाढ़ का स्तर नया रिकॉर्ड बनाता जा रहा है। अब इस दिशा में केंद्र की ओर से सकारात्मक पहल दिखाई दी है, जिससे गाद प्रबंधन की दिशा में ठोस नीति बनने की संभावना बढ़ गई है।
 
पश्चिम बंगाल की सहमति की बाध्यता खत्म
जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने यह भी बताया कि किशनगंज जिले के ठाकुरगंज, पोठिया और किशनगंज प्रखंड में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से महानंदा नदी पर तैयबपुर के पास बराज निर्माण का डीपीआर तैयार किया जा रहा है। इस संबंध में पहले पश्चिम बंगाल की सहमति एक बड़ी बाधा थी। लेकिन बैठक में यह सहमति बनी कि तैयबपुर बराज निर्माण के लिए अब पश्चिम बंगाल की सहमति की आवश्यकता नहीं है।


यह भी पढ़ें- Bihar : केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को मिली जान से मारने की धमकी, महिला यूट्यूबर के इंस्टाग्राम पर आया मैसेज
 
यह निर्णय बिहार और पश्चिम बंगाल के बीच 1978 में हुए समझौते के आलोक में लिया गया है, जिसमें पश्चिम बंगाल द्वारा बनाए गए फुलबाड़ी बराज से बिहार को जल देने का प्रावधान था। लेकिन उस दिशा में प्रगति नहीं होने के कारण बिहार अब तैयबपुर बराज के माध्यम से अपनी सिंचाई आवश्यकताओं को पूरा करेगा।
 
प्रेस वार्ता के दौरान अपर सचिव यशपाल मीणा, अभियंता प्रमुख शरद कुमार और अवधेश कुमार समेत जल संसाधन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने बैठक में लिए गए निर्णयों को राज्य के लिए मील का पत्थर बताते हुए इनके शीघ्र क्रियान्वयन का आश्वासन दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed