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Bihar: रेलवे नेटवर्क के माध्यम से मानव तस्करी को रोकने में RPF की अहम भूमिका, आरपीएफ द्वारा शुरू की गई पहल

Thu, 16 Jan 2025 09:18 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली Published by: अरविंद कुमार Updated Thu, 16 Jan 2025 09:18 PM IST
सार

रेलवे सुरक्षा बल राज्य सीमा के नियम से परे अपनी उपस्थिति के कारण रेलवे में ऐसे अपराधों के पंजीकरण, उदभेद्न, अन्वेषण और रोकथाम में राजकीय रेल पुलिस/स्थानीय पुलिस को सहायता प्रदान करती है, जो मुख्य रूप से राज्य सरकार का दायित्व है।

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Bihar RPF plays an important role in preventing human trafficking through railway network
अमरेश कुमार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मानव तस्करी शोषण के उद्देश्य से बल, धोखाधड़ी या जबरदस्ती के माध्यम से व्यक्तियों की भर्ती, परिवहन, स्थानांतरण, श्रम या प्राप्ति का कार्य है। मानव विशेषकर महिलाओं और बच्चों को असामाजिक तत्वों द्वारा नौकरी, रुपये तथा अच्छे जीवन जीने के लिए सुख सुविधाओं का प्रलोभन देकर यौन शोषण, वेश्यावृति, जबरन काम कराना, जबरन विवाह कराना, घरेलु नौकर, गोद लेने, भीख मांगने, अंग प्रत्यारोपण, मादक पदार्थो की तस्करी के कार्य हेतु मानव तस्करी कर उपयोग में लाया जाता है। मानव तस्कर उन गरीब लोगों को निशाना बनाया जाता है, जो बेहद दयनीय स्थिति में अपना जीवन-यापन करते हैं। ऐसी गतिविधियां भारतीय संविधान द्वारा प्रदत मानवाधिकारों का पूर्णतः उल्लंघन है।

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यद्यपि पुलिस और सार्वजनिक व्यवस्था राज्य का विषय है, राज्य पुलिस मानव तस्करी को रोकने, उसका पता लगाने और पंजीकरण करने के लिए जिम्मेदार है। रेलवे सुरक्षा बल को मानव तस्करी के मामलों की जांच करने का अधिकार नहीं है, फिर भी रेलवे सुरक्षा बल इसमें राजकीय रेल पुलिस/स्थानीय पुलिस के प्रयासो में सहायता करती है। रेलवे का नेटवर्क सम्पूर्ण भारत में होने के कारण रेलवे सुरक्षा बल की भूमिका इस तरह के अपराधों की रोकथाम हेतु काफी महत्वपूर्ण हो जाती है। रेलवे सुरक्षा बल राज्य सीमा के नियम से परे अपनी उपस्थिति के कारण रेलवे में ऐसे अपराधों के पंजीकरण, उदभेद्न, अन्वेषण और रोकथाम में राजकीय रेल पुलिस/स्थानीय पुलिस को सहायता प्रदान करती है, जो मुख्य रूप से राज्य सरकार का दायित्व है।
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रेलवे सुरक्षा बल अधिनियम, 1957 के अनुसार रेलवे सुरक्षा बल रेल सीमा के भीतर अपने दायित्वों का निर्वहण करता है। उपरोक्त दायरे में जब भी रेलवे के माध्यम से मानव तस्करी की सूचना प्राप्त होती है, रेलवे सुरक्षा बल त्वरित प्रतिक्रिया करते हुए संदिग्ध तस्करों को हिरासत में लेकर तस्करी किये गये बच्चों को उनके चंगुल से बचाकर नियमानुसार विधिसम्मत कार्रवाई करता है। रेलवे सुरक्षा बल कई मौके पर अकेले ही मानव तस्करी के मामलों को पकड़ता है तथा मानव तस्करों तथा उनके चंगुल से मुक्त किये गये बच्चों को अग्रिम कानूनी कार्रवाई हेतु राजकीय रेल पुलिस को सौंपा जाता है। बच्चों की सुरक्षा के लिए इस संबंध में विभिन्न विश्वसनीय स्त्रोतों से खुफिया जानकारी एकत्र की जाती है। गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा इस संदर्भ में अपनाए गए असाधारण दृष्टिकोण के लिए रेलवे सुरक्षा बल को मान्यता दी है।
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रेलवे सुरक्षा बल द्वारा शुरू की गई पहल, ऑपरेशन आहट (मानव तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई) 
यह राष्ट्रव्यापी ऑपरेशन पीड़ितों, मुख्य रुप से महिलाओं और बच्चों को तस्करों के चंगुल से बचाने पर केंद्रित है। संदिग्धों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए लंबी दूरी की ट्रेनों और मार्गों पर विशेष टीमें तैनात की जाती हैं। विगत तीन वर्षों (2022, 2023 व 2024) में रेलवे सुरक्षा बल द्वारा पूरे भारत में 2,614 व्यक्तियों जिनमें बच्चे शामिल हैं, को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया तथा 753 मानव तस्करों को गिरफ्तार किया गया। जहां तक पूर्व मध्य रेल का प्रश्न है, वर्ष 2024 के दौरान, रेलवे सुरक्षा बल, पूर्व मध्य रेल द्वारा 444 बच्चों (425 लड़के और 19 लड़कियों) को बचाने के साथ-साथ 134 मानव तस्करों को गिरफ्तार किया गया। जबकि इसकी तुलना में वर्ष 2023 के दौरान 89 मानव तस्कर गिरफ्तार किये गये तथा उनके चंगुल से 314 बच्चों (292 लड़के और 22 लड़कियों) को मुक्त कराया गया था।

ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते
विगत तीन वर्षों (2022, 2023 व 2024) में रेलवे सुरक्षा बल द्वारा पूरे भारत में देखभाल व सुरक्षा की आवश्यकता वाले 30447 बच्चों को बचाया गया, जिसमें से रेलवे सुरक्षा बल, पूर्व मध्य रेल द्वारा इस पुरे भारत में किए गए पहल के माध्यम से वर्ष 2024 के दौरान 2310 बच्चों (1794 लड़के और 516 लड़कियों) तथा वर्ष 2023 में 1140 बच्चों (749 लड़के और 391 लड़कियों) को बचाया गया। इन केंद्रित प्रयासों का उद्देश्य अकेले या संदिग्ध व्यक्तियों के साथ यात्रा करने वाले नाबालिगों को गलत हाथों में पड़ने से बचाना है।

मानव तस्करी के खिलाफ कार्रवाई हेतु टीमों की स्थापना 
अब तक 53 रेलवे सुरक्षा बल की मानव तस्करी के खिलाफ कार्रवाई हेतु टीमों का गठन प्राप्त जानकारी पर तत्काल कार्रवाई करने, रेल के माध्यम से मानव तस्करी के मामलों का पता लगाने, जानकारी साझा करने के लिए किया जा चुका है। बच्चों के लिए गठित अन्य हितधारको के साथ जानकारी साझा करने, अपराध आंकड़ों का विश्लेषण, संदिग्धों की पहचान, तस्करी के लिए उपयोग में लाये जा रहे रेलमार्ग तथा असुरक्षित रेलगाड़ियों की पहचान करना भी इनका कार्य है।


सार्वजनिक जागरुकता
रेलवे सुरक्षा बल सक्रिय रूप से रेलवे स्टेशनों पर, रेल उपयोगकर्ताओं, रेलवे ट्रैक के आस-पास रहने वाले लोगों, यात्रियों व स्थानीय लोगों के बीच जागरुकता अभियान चलाकर मानव तस्करी से संबंधित संकेतों के बारे में शिक्षित व संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट कानून को प्रर्वतन करने वाले एजेंसियों को करने के लिए प्रोत्साहित करता है।

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