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Bihar: स्वास्थ्य सुरक्षा पर बड़ा सवाल, सदर अस्पताल समेत कई संस्थानों में फायर सेफ्टी की भारी लापरवाही उजागर

Sat, 06 Jun 2026 01:44 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो Updated Sat, 06 Jun 2026 01:44 PM IST
सार

वैशाली जिले के हाजीपुर सहित कई अस्पतालों और नर्सिंग होम में अग्नि सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी सामने आई है। सदर अस्पताल के अधिकांश भवनों में फायर सेफ्टी उपकरण नहीं लगे हैं, सिर्फ एक भवन में व्यवस्था मौजूद है।

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Bihar Government and private hospitals operating in Vaishali in disregard of safety standards
सदर अस्पताल के OPD में लापरवाही की तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वैशाली जिले के हाजीपुर सहित विभिन्न शहरों और कस्बों में सैकड़ों अस्पताल और नर्सिंग होम ऐसे हैं, जहां अग्नि सुरक्षा मानकों की खुली अनदेखी की जा रही है। कई संस्थानों में आग से बचाव के लिए जरूरी फायर सेफ्टी उपकरण या तो लगाए ही नहीं गए हैं या फिर नाम मात्र के हैं। स्थिति यह है कि जिले के सबसे बड़े सदर अस्पताल में भी अधिकांश भवनों में फायर सेफ्टी व्यवस्था पूरी तरह अनुपस्थित है।

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सदर अस्पताल में अधिकांश भवनों में नहीं है फायर सेफ्टी व्यवस्था

सदर अस्पताल परिसर के कई भवनों में फायर सेफ्टी उपकरण नहीं लगाए गए हैं। केवल मातृत्व एवं शिशु भवन में ही फायर सेफ्टी यंत्र मौजूद है, जबकि एएनएम नर्सिंग कॉलेज, ओपीडी, डायलिसिस कक्ष, आश्रय गृह और इमरजेंसी विभाग जैसे महत्वपूर्ण भवनों में आग से बचाव की कोई व्यवस्था नहीं है। सबसे गंभीर बात यह है कि पूरे अस्पताल परिसर में अलग-अलग भवन होने के बावजूद अग्निशमन विभाग से केवल एक ही भवन का एनओसी लिया गया है और उसी के आधार पर पूरे परिसर को सुरक्षित माना जा रहा है।

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ओपीडी और इमरजेंसी वार्ड में गंभीर सुरक्षा खामियां

हाजीपुर सदर अस्पताल के ओपीडी भवन में प्रतिदिन हजारों मरीज इलाज के लिए आते हैं। यहां विभिन्न विभागों के डॉक्टरों के कक्ष हैं और पूरा भवन दिनभर भीड़ से भरा रहता है, इसके बावजूद किसी भी फ्लोर पर फायर एक्सटिंग्विशर नहीं लगाया गया है। ओपीडी भवन में सीढ़ियों के पास बिजली के तार अव्यवस्थित पड़े हैं और केवल एक ही प्रवेश एवं निकास गेट है। इमरजेंसी गेट को भी अधिकांश समय बंद रखा जाता है, जिससे आपात स्थिति में निकासी में गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है। इमरजेंसी वार्ड में भी फायर सेफ्टी की कोई व्यवस्था नहीं है और यहां इमरजेंसी एग्जिट गेट भी उपलब्ध नहीं है। इससे मरीजों की सुरक्षा पूरी तरह जोखिम में बनी हुई है।

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जिले में सीमित अस्पतालों के पास ही फायर सेफ्टी लाइसेंस

अग्निशमन विभाग के आंकड़ों के अनुसार हाजीपुर अनुमंडल क्षेत्र में केवल 53, महुआ में 27 और महनार में 11 अस्पतालों के पास ही फायर सेफ्टी लाइसेंस है। इन अस्पतालों का नियमित ऑडिट किया जाता है। इसके विपरीत हाजीपुर शहर में ही कई ऐसे नर्सिंग होम और अस्पताल मौजूद हैं जिनके पास फायर सेफ्टी की कोई व्यवस्था नहीं है। विभाग द्वारा ऐसे संस्थानों की जांच की जा रही है और उन्हें निर्देश भी दिए जा रहे हैं।

बिना लाइसेंस वाले अस्पतालों पर कार्रवाई की तैयारी

हाजीपुर अनुमंडल अग्निशामालय पदाधिकारी विजेंद्र कुमार ने बताया कि सभी सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों के लिए फायर सेफ्टी लाइसेंस लेना और उसका नियमित ऑडिट कराना अनिवार्य है। बिना लाइसेंस चल रहे अस्पतालों की जांच की जा रही है और आवश्यकतानुसार सीलिंग की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि विभागीय निर्देश के अनुसार सभी अस्पतालों का शीघ्र ऑडिट किया जाएगा और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।

 

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