महाराष्ट्र के सीआईडी विभाग में सब इंसपेक्टर के रूप में अपना कैरियर शुरु करने वाले वर्तमान गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे के जन्म के समय (4 सितंबर सन् 1941, समय सायं 06. 58 स्थान जिला) इनके चतुर्दशी तिथि धनिष्ठा नक्षत्र का चतुर्थ चरण, कुंभ लग्न और शायंकालीन प्रदोष वेला थी।
इनके लग्न एवं राशि के स्वामी शनि तथा भाग्य के स्वामी शुक्र हैं किसी भी जातक की कुंडली में यदि भाग्य का अधिपति शुक्र हो तो वह 25 वर्ष की आयु में भाग्योदय करवाते हैं। इसी उम्र में श्री शिंदे ने राजनीतिक जीवन आरम्भ किया। उस समय इन पर बृहस्पति की महादशा में पंचमेश बुध की अंतर्दशा चल रही थी, सनद रहे कि भारत के 11 प्रधानमंत्री इसी पंचमेश की दशा में प्रधानमंत्री पद की शपथ ले चुके हैं।
इनके जीवन का सर्वाधिक चमत्कार लग्न के स्वामी शनि की महादशा, अंतर्दशा अक्टूबर 1976 से अक्टूबर 1979 में हुआ जब ये पहली बार महाराष्ट्र विधान सभा के लिए चुने गए। पुनः वही पंचमेश का चमत्कार, 1980 में हुआ जब इनपर शनि के बाद बुध की अंतर्दशा आई तो दूसरीबार विधानसभा चुनाव में भी विजयी हुए।
उसके बाद मुख्यमंत्री, गवर्नर, ऊर्जामंत्री जैसे दायित्वों को संभालते हुए अब गृहमंत्री के पद पर आसीन हैं। इस अवधि में इन पर अक्टूबर 2012 से केतु की महादशा चल रही है केतु लग्न एवं गोचर दोनों से पराक्रम भाव में चल रहे हैं जो मंगल का फल देंगें।
उसमे भी भाग्येश शुक्र का अंतर मई 2014 तक चलेगा जो इनके लिए अतिशुभ तो है ही साथ ही, लग्नेश एवं राशीश शनि भी इन दिनों उच्चराशिगत हैं अतः यह समय इनके जीवन के श्रेष्ठतम समय में से एक है और आगे भी जारी रहेगा। मई 2014 से सितंबर 2014 के मध्य इन पर मारकेश का अंतर्दशा काल रहेगा जो कदापि शुभ नहीं रहेगा। अतः वह समय इनके लिए कठिन चुनौतियों वाला रहेगा।