अगर आप विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं और बार-बार किसी परेशानी के कारण बात बिगड़ जाती है तो इसका बड़ा कारण यह हो सकता है कि आपकी कुण्डली में विदेश यात्रा का योग नहीं बन रहा है।
ज्योतिषशास्त्र कहता है कि आप देश में सफल होंगे या विदेश में सफलता मिलेगी यह आपके कुण्डली में बैठे ग्रहों की स्थिति पर निर्भर करता है। अगर आपकी कुण्डली में विदेश यात्रा के योग अनुकूल नहीं है।
वैदिक ज्योतिष में बताया गया है कि जिस व्यक्ति की कुण्डली में नवमां घर और बारहवां घर पाप ग्रह जैसे मंगल, शनि, राहु, केतु और सूर्य के प्रभाव में होता है उनके विदेश यात्र की संभावना रहती है।
अगर किसी कारण यह विदेश नहीं जा पाएं तो जन्मस्थान से दूर जाकर इन्हें रहना पड़ता है। कुण्डली का सातवां घर जीवनसाथी के साथ संबंध को बताता है एवं उनके साथ विदेश यात्रा पर जा पाएंगे या नहीं यह भी दर्शाता। यानी हनीमून पर विदेश जाएंगे या नहीं यह कुण्डली के सातवें और बारहवें घर से जान सकते हैं।