ऐसा नहीं है कि पहली बार आसाराम पर कोई आरोप लगा है। इससे पहले भी इन पर गंभीर आरोप लगे हैं लेकिन अब तक समय इनका साथ दे रहा था जिससे किसी आरोप में इन्हें हवालात की हवा नहीं खानी पड़ी। पण्डित जय गोविंदशास्त्री बताते है कि अब ग्रहों की दशा और स्थिति बदल चुकी है।
इनकी कुण्डली में राहु चौथे घर में बैठा है। जिसकी वजह से आसाराम ऊपर से भले ही संत दिखते हैं लेकिन असल में चालाक और धूर्त आदमी हैं। वर्तमान में आसाराम शनि में राहु की दशा के प्रभाव में भी चल रहे हैं। शनि इनकी कुण्डली में नीच स्थिति में है जिससे आसाराम के प्रति जनता में अविश्वास की भावना आ गई है, जनता इन्हें साधु के रूप में शैतान मनाने लगी है।
राम राम! इन बाबाओं ने किए बुरे काम!चौथे घर में बैठे राहु के कारण व्यक्ति के कुकर्म का घड़ा उनके अपने ही भक्त और करीबी जन फोड़ते हैं। आसाराम के साथ भी ऐसा ही हुआ है इनके अपने भक्त ने आसाराम पर यौन शोषण का अरोप लगाया। अब तक जो लोग आसाराम के साथ चल रहे थे वे भी अब धीरे-धीरे इनका साथ छोड़ देंगे।
इस वर्ष के राजा गुरु हैं और मंत्री शनि। ज्योतिषशास्त्र में शनि को अशुभ ग्रह माना जाता है क्योंकि यह कभी किसी को उनके गलत कर्मों की माफी नहीं देता है। शनि इन्हें भी नहीं माफ करने वाले हैं। शनि की दशा के साथ ही वर्ष का मंत्री भी शनि होने के कारण आसाराम के कर्मों का परिणाम सामने आ रहा है।
ज्योतिषशास्त्र का नियम है कि शनि और राहु की दशा में व्यक्ति अगर कोई गलत काम करता है तो उसे हवालात की हवा खानी पड़ती है। इस समय आसाराम के जेल जाने की वजह भी यही है। संयोग यह भी है कि शनिवार के दिन ही पुलिस ने आसाराम को अपने कब्जे में लिया।
आसाराम का काम क्रोधआसाराम के व्यक्तित्व की बात करें तो इनकी कुण्डली में चन्द्रमा धनु राशि में सातवें घर में बैठा है और लग्न में मिथुन राशि है। शुक्र का संबंध शनि के साथ बना हुआ है। ग्रहों की यह स्थिति बताती है आसाराम ऊपरी तौर धार्मिक व्यक्ति होने का भले ही दावा करें लेकिन असल में इन पर काम भावना हावी रहती है। आठवें घर में मंगल होने के कारण आसाराम आवेश में आ जाते हैं और क्रोध में अपशब्द एवं उग्र व्यवहार का प्रदर्शन करने लगते हैं।