ब्लॉक देवाल के दूरस्थ हरमल गांव के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई है। गांव का जोड़ने वाला एकमात्र पैदल मार्ग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। जिस कारण इस गांव का शेष क्षेत्र से पूरी तरह संपर्क कट चुका है। पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त होने से बच्चे चट्टानी मार्ग से स्कूल जा रहे हैं। पैदल मार्ग के क्षतिग्रस्त होने से गांव के लोगों के सामने आवाजाही का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। आने- जाने के लिए रास्ता नहीं होने के कारण बच्चे व गांव के लोग चट्टानी मार्ग से जा रहे हैं। हरमल गांव सड़क से नहीं जुड़ा है। यहां के लोग करीब सात किमी पैदल चलकर चोटिंग आते हैं। हरमल गांव को आने के लिए यह एकमात्र पैदल मार्ग है। यह मार्ग जिला पंचायत ने बनाया था। लेकिन स्लाइडिंग होने से यह मार्ग बंद हो गया है। चोटिंग के बीडीसी मेंबर रमेश गडिया ने बताया कि हरमल गांव के बच्चे पढने के लिए हाईस्कूल चोटिंग जाते हैं, वहीं पंचुली तोक के 13 बच्चे जूनियर हाईस्कूल व प्राथमिक विद्यालय में पढ़ते है। मार्ग बंद होने से स्कूल के बच्चे खतरनाक चट्टानी मार्ग से जा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र मार्ग खोलने की मांग की। वहीं जिला पंचायत के अवर अभियंता प्रदीप भंडारी ने बताया कि इस बारे में शीघ्र आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।