रायबरेली में डलमऊ के नरौरा बांध से तीन लाख से अधिक क्यूसेक पानी छोड़ने के बाद बीते एक सप्ताह से लगातार गंगा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। हाल यह है कि गंगा अब खतरे के निशान से 46 सेमी दूर है। बाढ़ की आशंका दिखने लगी है और वहीं प्रशासन अभी बाढ़ आने की बात को स्वीकार नहीं कर रहा है। कटरी क्षेत्रों में पानी गांव के भीतर गलियों में आ गया है। इससे लोगों का आवागमन बंद हो गया है। लोग पानी के बीच से होकर आवागमन कर रहे हैं। सैकड़ों बीघा कृषि भूमि पानी में डूब गई है। गंगा इस समय उफान पर है। पानी इस तरह हिलोरे मार रहा है कि जैसे वह सब कुछ बहा ले जाने को बेताब हो। गंगा की लहरों को देखकर लोग डरने लगे हैं। स्नान घाटों पर स्नान करने वालों की संख्या कम हो गई है और श्मशान घाट के किनारे पर भी पानी आ गया है। जिससे शव को अंतिम संस्कार में भी दिक्कत आ रही है। केंद्रीय जल आयोग डलमऊ के अनुसार शुक्रवार को गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान 99.360 मीटर के सपेक्ष 98.900 मीटर नापा गया। जो खतरे के निशान से मात्र 46 सेंटीमीटर दूर है। तीर्थ पुरोहित श्याम सुंदर, श्याम प्रकाश, रघुनंदन, सोनू ने बताया कि लगभग एक सप्ताह से गंगा नदी के जलस्तर में उफान के कारण श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार के लिए व यात्रियों को गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। वहीं गंगा तट डलमऊ के स्नान घाटों जलमग्न हो जाने के पर बैरिकेडिंग की पर्याप्त व्यवस्था न होने पर श्रद्धालुओं को जान जोखिम में डालकर गंगा स्नान करना पड़ रहा है।