श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर कान्हा की नगरी मथुरा में चारों ओर भक्ति और उल्लास का माहौल है। शहर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है और भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की खुशियां मनाने के लिए देशभर से श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। शहर में इस विशेष आयोजन को खास बनाने के लिए विभिन्न स्थानों पर छोटे-बड़े मंच सजाए गए हैं, जहां स्थानीय और आसपास के क्षेत्रों से आए कलाकार भजन, संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रद्धालुओं को बांधे हुए हैं। इसी बीच बड़ी संख्या में मथुरा पहुंचे साधु-संत भी अपने-अपने अंदाज में कान्हा की आराधना कर रहे हैं। भूतेश्वर स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में श्रद्धालुओं के बीच बुंदेलखंड से आए एक संत ने अपने पारंपरिक तंतूरे की मधुर तान पर भजन सुनाकर माहौल को भक्तिमय कर दिया। तंतूरे की खिंची हुई तारों से निकली स्वर लहरियों के बीच संत के भजनों ने श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींचा। ललितपुर जनपद के ग्राम रोड़ा स्थित रविदास मंदिर से आए संत प्रकाश महाराज ने बताया कि वह संत रविदास अखाड़े से जुड़े हैं। पिछले करीब 25 वर्षों से वह पारंपरिक तंतूरे के साथ भजन गाकर भगवान की आराधना कर रहे हैं। जन्माष्टमी पर वह हर वर्ष करीब 15 से 20 श्रद्धालुओं के साथ मथुरा आते हैं। उनका कहना है कि कान्हा की जन्मभूमि पर आकर तंतूरे की तान के साथ भजन गाने का अलग ही आनंद और आध्यात्मिक अनुभूति होती है।