गंगा नदी का जलस्तर घटने के बाद भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वालों को अभी राहत नहीं मिली है। जहां अभी भी कुछ मोहल्लों में जलभराव है जहां से सरकारी नावें हटा ली गई है और अब लोग प्राइवेट नाव के सहारे है। वहीं खाली प्लाटों में गंदगी चरम पर है ऐसे भी भीषण सड़ांध से लोगों का जीना मुहाल है। स्थानीय लोगों का कहना रहा कि पालिका की ओर से कोई साफ-सफाई नहीं कराई जा रही है और लापरवाही बरती जा रही है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार सोमवार शाम सात बजे गंगा नदी का जलस्तर 111.370 मीटर पर पहुंच गया जो चेतावनी बिंदु 112 मीटर से 63 सेंटीमीटर नीचे आ गया है। जलस्तर घटने के बावजूद अभी भी मोहल्ला शाही नगर, गोताखोर, कर्बला, हुसैन नगर, चंपापुरवा, तेजीपुरवा, गगनीखेड़ा, फत्तेखेड़ा क्षेत्रों के तराई वाले भाग में जलभराव है जहां रहने वाले लोग नावों से आवागमन कर रहे है। स्थानीय नागरिक सुहैल, अहमद, पप्पू ने बताया कि चार दिन पहले ही यहां से सरकारी नावें हटाई गई है जबकि अभी भी लोगों को नाव की जरूरत है ऐसे में प्राइवेट नाव के सहारे आवागमन किया जा रहा है। कई खाली प्लाटों में पानी घुसने के बाद अब वहां गंदगी व्याप्त है जिससे भीषण सड़ांध के कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही है। पालिका की ओर से साफ-सफाई के प्रबंध न होने से लोगों की दिक्कतें बरकरार है। नगर पालिका ईओ राजेश कुमार ने बताया कि जहां भी पानी घट गया है वहां सफाई व्यवस्था दुरूस्त कराई जाएगी।