अहिरवा के सुरक्षा विहार में आयोजित विशाल श्री शिव महापुराण कथा के छठे दिन देवी पार्वती के जन्म और तपस्या का प्रसंग सुनाया गया। श्री आदि गुरु प्रशांत प्रभु महाराज ने कथा के माध्यम से कन्या जन्म को गौरव का विषय बताते हुए समाज से बेटियों के जन्म पर उत्सव मनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि घर में कन्या का जन्म होने पर परिवार को अत्यधिक उत्साह के साथ उसका स्वागत करना चाहिए। कन्या केवल परिवार की खुशियों का आधार नहीं, बल्कि सनातन परंपरा में गौरव का विषय है। देवी पार्वती के जन्म और तपस्या का प्रसंग नारी शक्ति और उसके महत्व का संदेश देता है।