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बाराबंकी में सरयू की कटान में दो मकान सहित 250 बीघा फसल समाई

बाराबंकी में सरयू नदी की तेज कटान ने केदारीपुर गांव के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नदी की कटान में अब तक करीब ढाई सौ बीघा जमीन नदी में समा चुकी है। इसमें धान, परवल, उड़द सहित कई फसलें लगी थीं। फसल और जमीन गंवाने के बाद ग्रामीणों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। कटान लगातार जारी रहने से गांव के लोग दहशत में हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, नदी का कटान तेजी से गांव की ओर बढ़ रहा है। देखते ही देखते खेतों का बड़ा हिस्सा नदी में समा गया। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी वर्षों की मेहनत से तैयार फसलें सरयू की धारा में चली गईं, लेकिन जिम्मेदार विभाग की ओर से कटान रोकने के लिए किए जा रहे प्रयास पर्याप्त नहीं हैं।दो मकान नदी में समाए कटान की चपेट में आने से केदारीपुर गांव के दो मकान भी नदी में समा चुके हैं। ग्रामीणों के अनुसार लता प्रसाद निषाद और राजकुमार दीक्षित के मकान नदी ने अपने आगोश में ले लिए। मकान गंवाने के बाद दोनों परिवारों के सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई है। गांव में अन्य मकानों पर भी कटान का खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि कटान इसी गति से जारी रहा तो कई और घर इसकी चपेट में आ सकते हैं। कटान रोकने के काम पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल ग्रामीणों ने कटान रोकने के लिए बाढ़ खंड की ओर से किए जा रहे कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि कटानरोधी कार्य में पतली रस्सी का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे काम की मजबूती को लेकर ग्रामीणों में संदेह है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी की तेज धारा के सामने कमजोर निर्माण कार्य ज्यादा समय तक टिक नहीं पाएगा।

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