अयोध्या में सरयू की उफनाती लहरों से कोटसराय ग्राम पंचायत के मांझा कला गांव में जिंदगी की रफ्तार थम गई है। करीब 1500 की आबादी वाले गांव में घर पानी से घिरे हैं और संपर्क मार्ग डूब चुके हैं। रविवार को गांव पहुंची अमर उजाला टीम ने राहत व्यवस्था की हकीकत देखी। प्रशासन ने आवागमन के लिए स्टीमर लगाया है, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि उसमें डीजल की व्यवस्था नहीं की गई। कई ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉली में गृहस्थी का सामान लादकर सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं। कुछ परिवार राहत शिविरों में दिन काट रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, किसी के बीमार पड़ने पर चारपाई से मरीज को पानी पार कराना पड़ता है। सुक्खादेवी का करीब आठ बीघा खेत पहले ही सरयू में समा चुका है। रात में तेज लहरों के साथ जंगली जानवरों और मगरमच्छों का डर भी बना रहता है। एसडीएम सोहावल आदित्य विक्रम अग्रवाल ने कहा कि बिना तेल खड़े स्टीमर की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।