हमारा विरोध मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ है, लेकिन जवाब प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह क्यों दे रहे हैं? उन पर तो आरोप लगाए ही नहीं गए! क्या यह मिलीभगत नहीं है? 13 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे जाने के सवाल पर विपक्ष चुप नहीं बैठ सकता। लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए हम हर जुल्म सहेंगे, लेकिन देश का संविधान नहीं बदलने देंगे!