नगला सराय स्थित गौशाला का मामला, मौके पर मिले 68 गोवंश , जबकि जुलाई में भेजी 101गोवंश की रिपोर्ट होने की रिपोर्ट फतेहपुर सीकरी। विकासखंड के ग्राम नगला सराय स्थित गौशाला में अव्यवस्थाओं और गोवंशों की देखरेख में लापरवाही के मामले में जिला विकास अधिकारी ने ग्राम पंचायत सचिव/ग्राम विकास अधिकारी हरेंद्र पाल सिंह को निलंबित कर दिया है। पांच सितंबर को जारी आदेश में उन्हें लगाए गए आरोपों में प्रथम दृष्टया दोषी माना गया है। जिला विकास अधिकारी भावना यादव की ओर से जारी आदेश के अनुसार, मुख्य विकास अधिकारी आगरा के 19 अगस्त के पत्र के आधार पर गौशाला की जांच कराई गई थी। 18 अगस्त को उपयुक्त श्रम रोजगार आगरा के निरीक्षण के दौरान गौशाला में 68 गोवंश मिले, जबकि सचिव की ओर से जुलाई माह के निरीक्षण में 101 गोवंश संरक्षित होने की रिपोर्ट मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को भेजी गई थी। जांच में पाया गया कि पशुओं के लिए हरा चारा मौके पर बोया गया था, लेकिन गोवंशों को हरा चारा नहीं खिलाया जा रहा था। पशुओं को खिलाए जा रहे आहार की जांच में संबंधित आहार ब्रांडेड कंपनी का नहीं पाया गया। इसके अलावा हरा चारा काटने वाली मशीन भी गौशाला में उपलब्ध नहीं मिली। जांच रिपोर्ट में गौशाला के भूसा शेड की स्थिति भी खराब बताई गई। आदेश में कहा गया है कि बारिश के मौसम में शेड से पानी टपक रहा था, जिससे भूसे के खराब होने की स्थिति बनी हुई थी। वहीं गौशाला में साफ-सफाई की व्यवस्था भी उचित नहीं पाई गई। जांच के दौरान गौशाला में केवल एक केयरटेकर तैनात मिला। आदेश के अनुसार उपलब्ध गोवंशों की संख्या के आधार पर कम से कम दो से तीन केयरटेकर की आवश्यकता बताई गई थी। एक केयरटेकर को नियमित भुगतान नहीं किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। निरीक्षण के समय गौशाला से संबंधित आवश्यक अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए जा सके। मामले की विभागीय जांच के लिए खंड विकास अधिकारी, बाह को जांच अधिकारी नामित किया गया है।