149 साल की गौरवशाली परंपरा पूरी कर सार्धशताब्दी वर्ष में प्रवेश कर रही आगरा की ऐतिहासिक श्रीरामलीला इस बार कई नए आकर्षणों के साथ नजर आएगी। विजयदशमी पर प्रदूषण रहित इलेक्ट्रॉनिक आतिशबाजी की जाएगी। इसके साथ ही 110 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन होगा। रामबारात में करीब 100 झांकियां शामिल होंगी, जिनमें स्वचालित झांकियां प्रमुख आकर्षण रहेंगी। श्रीरामलीला कमेटी की वार्षिक पत्रिका ‘रामांजली’ का विमोचन रविवार को श्रीराम हनुमान मंदिर पर कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल और महामंत्री राजीव अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर रामलीला महोत्सव की तैयारियों और कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। 25 सितंबर को मुकुट पूजन के साथ रामलीला महोत्सव की शुरुआत होगी। कमेटी के अध्यक्ष पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने बताया कि इस बार रामलीला महोत्सव में परंपराओं के साथ आधुनिक तकनीक का भी समावेश किया जाएगा। वृंदावन की मंडली के कलाकार पारंपरिक शैली में लीलाओं का मंचन करेंगे, वहीं आधुनिक तकनीक के जरिए प्रस्तुतियों को नई पीढ़ी के लिए आकर्षक बनाया जाएगा। युवाओं को रामलीला से जोड़ने के लिए भी कई विशेष कार्यक्रम होंगे। इस वर्ष भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव और मां जानकी के जन्मोत्सव को नंद उत्सव की तर्ज पर मनाया जाएगा। कमेटी का प्रयास है कि रामलीला के धार्मिक और सांस्कृतिक स्वरूप को बनाए रखते हुए आयोजन को नई पीढ़ी से जोड़ा जाए।