हत्या की कोशिश व अन्य आरोपों के मामले में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के गवाह ने घटना की कहानी ही पलट दी। इस पर एडीजे-10 प्रदीप कुमार ने थाना बरहन क्षेत्र के गांव खुशहालपुर निवासी सतीश, सतेंद्र, राज बहादुर और सुरेश को साक्ष्य के अभाव में बरी करने के आदेश दिए। थाना बरहन में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, अवनीश कुमार ने तहरीर देकर बताया कि वह दूध का व्यापार करते हैं। आरोप लगाया था कि 5 जून, 2015 को उनका छोटा भाई अजय इसेपुर से रात को दूध लेने घर आ रहा था। रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने उसे घेर लिया। उनके खिलाफ दर्ज कराए गए मुकदमे को वापस लेने दबाव बनाया। विरोध पर पेट में गोली मार दी। उन पर भी आरोपियों ने फायरिंग की, पर वह बच गए। मामले में अभियोजन पक्ष की तरफ से वादी, घायल, सहित 7 गवाह अदालत में पेश किए गए। वहीं बचाव पक्ष की तरफ से राकेश उर्फ भोला को गवाही के लिए अदालत में पेश किया गया। उन्होंने कहा घटना वाले दिन उनके पास अजय का फोन आया था। बोला था कि उसके गोली लग गई है, आप लोग आ जाओ। वह घटना स्थल पर पहुंचे तो उसे वह बैठा मिला। कोई चोट नहीं लगी थी। बाद में पता चला कि झूठी प्राथमिकी दर्ज हो गई। डॉक्टर ने भी अपनी मैडिकल रिपोर्ट में फायर आर्म की चोट की पुष्टि नहीं की।