जालंधर में पिरामिड ई-सर्विस नामक ट्रेवल एजेंसी के कार्यालय के बाहर कथित वीजा फ्रॉड और विदेश में दाखिले के नाम पर धोखाधड़ी के आरोपों को लेकर पीड़ित परिवारों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने एजेंसी पर लाखों रुपये लेने के बावजूद वीजा और पढ़ाई से जुड़ी समस्याओं का समाधान न करने के आरोप लगाए। पीड़िता सुखविंदर कौर ने आरोप लगाया कि एजेंसी के माध्यम से उनकी बेटी नवजीत कौर का कनाडा के कैलगरी स्थित पटाज कॉलेज में स्टडी वीजा लगवाया गया था। महिला का आरोप है कि बेटी को जालंधर के ही एक एजेंट द्वारा संचालित कथित फर्जी कॉलेज में दाखिला दिलाया गया। सुखविंदर कौर के अनुसार, एक-दो साल पढ़ाई करने के बावजूद छात्रा को वर्क परमिट और क्रेडिट नहीं मिल रहे, जिससे उसका भविष्य और परिवार के लाखों रुपये दांव पर लग गए हैं। उनका कहना है कि अब बच्चों को दोबारा करीब दो साल की पढ़ाई करनी पड़ सकती है। प्रदर्शन में शामिल नवनीत कुमार ने आरोप लगाया कि उसने 2026 में ऑस्ट्रेलिया के स्टडी वीजा के लिए आवेदन किया था। उसके मुताबिक, एजेंसी ने उससे करीब 65 लाख रुपए लिए, लेकिन आठ महीने इंतजार के बाद वीजा जारी होने के अगले ही दिन उसे होल्ड पर बता दिया गया। नवनीत का आरोप है कि पिछले करीब दो वर्षों से वह एजेंसी के चक्कर लगा रहा है, लेकिन उसे संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि जब वे एजेंसी कार्यालय में अपनी शिकायतों का जवाब मांगने पहुंचे तो वरिष्ठ कर्मचारी सुनील, निताशा और काजल उनसे मिलने के बजाय कथित तौर पर बचते नजर आए।