पंजाब भाजपा प्रभारी डॉ. सतीश पूनिया के तीन दिवसीय पंजाब दौरे के दौरान जालंधर में राजनीतिक माहौल गरमा गया। लायंस क्लब में भाजपा के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पूनिया के पहुंचने से पहले ही आम आदमी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस ने कार्यक्रम स्थल के आसपास भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग तैनात की। आप नेताओं और कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम स्थल से दूर रखा गया। प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लेकर भाजपा के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए। तख्तियों पर “कांग्रेस कातिल, भाजपा हमदर्द” जैसे नारे लिखे थे। विरोध प्रदर्शन का मुख्य कारण 1984 के सिख विरोधी दंगों के दोषी और पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार के निधन के बाद उनके घर जाकर शोक व्यक्त करने वाले भाजपा सांसदों का मामला बताया जा रहा है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने इस मामले में दक्षिण दिल्ली से सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, उत्तर-पश्चिम दिल्ली से सांसद योगेंद्र चंदोलिया और पश्चिम दिल्ली से सांसद कमलजीत सहरावत को तलब कर कथित तौर पर कड़ी फटकार लगाई थी। पार्टी की ओर से भविष्य में ऐसी अनुशासनहीनता न दोहराने की हिदायत भी दी गई थी। प्रदर्शन में शामिल आप नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा का “दोहरे चेहरे” वाला रवैया अब जनता के सामने आ गया है। उन्होंने कहा कि एक ओर भाजपा पंजाब और सिख समुदाय के प्रति हमदर्दी की बात करती है, जबकि दूसरी ओर उसके सांसद सज्जन कुमार के घर जाकर शोक व्यक्त करते हैं। आप नेताओं ने कहा कि इसी मुद्दे को लेकर पंजाब में लोगों के बीच रोष है और भाजपा के खिलाफ यह प्रदर्शन उसी नाराजगी का हिस्सा है। फिलहाल पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर रखी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि भाजपा का कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।