नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के तहत काम कर रहे ठेका कर्मचारियों ने बुधवार को अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ रोष मार्च निकाला। कर्मचारियों ने समान काम के लिए समान वेतन, कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने, वेतन में बढ़ोतरी और सेवा सुरक्षा समेत अन्य मांगें पूरी करने की मांग की। एनएचएम कर्मचारी नेता पवन बियाला ने कहा कि कई कर्मचारी पिछले 15 से 20 वर्षों से लगातार ठेके पर सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें नियमित नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि एक ही तरह का काम करने वाले नियमित कर्मचारी को जहां करीब एक लाख रुपये तक वेतन मिलता है, वहीं ठेका कर्मचारी महज 20 से 25 हजार रुपये में काम करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की प्रमुख मांग ‘समान काम, समान वेतन’ है। लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों को सेवा के उचित लाभ दिए जाएं और सेवानिवृत्ति के समय उन्हें खाली हाथ न भेजा जाए। इसके अलावा आयु सीमा बढ़ाने और महंगाई के अनुसार वेतन में बढ़ोतरी की भी मांग की गई।