शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जिन पीड़ित परिवारों ने हाईकोर्ट में हलफनामे दाखिल कर अपने बयान दर्ज करवाए हैं, अकाली दल उनके साथ मजबूती से खड़ा है। पत्रकारों से बातचीत में मजीठिया ने कहा कि उन्हें अभी तक सरकार की ओर से कोई नोटिस नहीं मिला है। यदि नोटिस आता है तो वह उसका स्वागत करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार में बेटियों और बहनों के साथ खड़े होने की सोच नहीं है। मजीठिया ने दावा किया कि पांच करोड़ रुपये देकर गुरचरण उर्फ गुरी चहल को अमेरिका भेजने वाले पूरे नेटवर्क का जल्द खुलासा किया जाएगा। उन्होंने एफआईआर नंबर 77 और 122 का हवाला देते हुए कहा कि इनमें गैंगस्टरों और जेलों से मिल रही धमकियों के अलावा दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग जैसे गंभीर मामलों का जिक्र है। उन्होंने सवाल उठाया कि धारा 164 के तहत बयान दर्ज होने के बावजूद आरोपी महज दो महीने में जमानत पर बाहर कैसे आ गए। मजीठिया ने आरोप लगाया कि पुलिस और सरकार की मिलीभगत के बिना ऐसा संभव नहीं है। हाईकोर्ट में लंबित याचिका का हवाला देते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान, डॉ. गुरप्रीत कौर और अमरदीप ग्रेवाल का भी जिक्र किया। ‘धमकियों से डरने वाला नहीं’ मजीठिया ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि पीड़ित परिवारों को धमकियां देने के बाद अब उन्हें भी गैंगस्टरों की ओर से धमकी भरे फोन आने लगे हैं। उन्होंने कहा, “न दबेंगे, न पीछे हटेंगे।” मजीठिया ने चेतावनी दी कि वह न्याय की इस लड़ाई को अंत तक लड़ेंगे और पीड़ितों को इंसाफ दिलाकर ही पीछे हटेंगे।