लखनऊ के फैजुल्लागंज में बाढ़ की जमीनी हकीकत प्रशासन के राहत के दावों से अलग नजर आई। अमर उजाला की टीम नाव से जब प्रभावित इलाकों में पहुंची तो लोगों ने बताया कि कई घरों तक न तो पर्याप्त भोजन पहुंच रहा है और न ही पीने का पानी। बाढ़ में घर-गृहस्थी का सामान डूबने के बाद लोगों के सामने दो वक्त के भोजन का संकट है। कई पीड़ितों का आरोप है कि लंच पैकेट, पानी की बोतल या भोजन किट देने के लिए भी उनसे आधार कार्ड मांगे जा रहे हैं। लोगों का कहना था कि जब घर और सामान पानी में डूब गया है तो ऐसे समय में राहत के लिए कागज मांगने के बजाय तत्काल भोजन और पानी उपलब्ध कराया जाना चाहिए।