एक तरफ कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन तेज हो रहा है, तो दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर एक पोस्ट को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। ममता बनर्जी ने CJP के आंदोलन को समर्थन दिया, अभिजीत दीपके ने उनका शुक्रिया अदा किया और फिर उनकी पोस्ट ही X पर प्रतिबंधित हो गई। अब CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके को आशंका है कि 10 अक्टूबर से पहले उनका पूरा X अकाउंट भी हटाया जा सकता है। आखिर एक पोस्ट पर ऐसा क्या हुआ कि मामला सरकार और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक पहुंच गया? और 10 अक्टूबर को दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन से पहले यह विवाद क्यों अहम हो गया है?
कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शनिवार को एक ऐसा बयान दिया, जिसने सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों तक चर्चा शुरू कर दी। दीपके ने कहा कि अगर 10 अक्टूबर से पहले उनका X अकाउंट हटा दिया जाता है, तो उन्हें हैरानी नहीं होगी। उनकी यह प्रतिक्रिया उस वक्त आई, जब ममता बनर्जी को धन्यवाद देने वाली उनकी पोस्ट X पर प्रतिबंधित कर दी गई।
दरअसल, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को CJP के आंदोलन को समर्थन देने की बात कही थी। दिल्ली में INDIA गठबंधन की बैठक में शामिल होने के बाद कोलकाता लौटने पर उन्होंने युवाओं और छात्रों के साथ कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन का भी समर्थन किया था। इसके बाद अभिजीत दीपके ने X पर ममता बनर्जी को टैग करते हुए उनका आभार जताया और लोकतंत्र की रक्षा के लिए सभी भारतीयों से एकजुट होने की अपील की।
लेकिन इस पोस्ट के बाद घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया। तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने दीपके की पोस्ट साझा की। कुछ समय बाद यह पोस्ट X पर उपलब्ध नहीं रही। उसकी जगह प्लेटफॉर्म पर संदेश दिखाई देने लगा कि स्थानीय नियमों के कारण इस सामग्री को प्रतिबंधित किया गया है।
पोस्ट पर प्रतिबंध लगने के बाद डेरेक ओ'ब्रायन ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने आंदोलन के समर्थन में मजबूती से अपनी बात रखी थी और दीपके ने उन्हें धन्यवाद दिया था। इसके बाद सरकार ने पोस्ट को प्रतिबंधित करा दिया। हालांकि, सरकार की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी नहीं है।
डेरेक ओ'ब्रायन की पोस्ट साझा करते हुए अभिजीत दीपके ने भी अपनी आशंका जाहिर की। उन्होंने कहा कि अगर 10 अक्टूबर से पहले सरकार उनका X हैंडल हटा देती है, तो उन्हें आश्चर्य नहीं होगा। हालांकि, फिलहाल उनका पूरा अकाउंट हटाए जाने की कोई पुष्टि नहीं हुई है।
अब इस पूरे विवाद को समझने के लिए CJP के आंदोलन और उसकी आगामी रणनीति पर भी नजर डालना जरूरी है। कॉकरोच जनता पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। पार्टी का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान अनियमितताएं हुई हैं। इन आरोपों के बीच चुनाव आयोग की भूमिका और मतदाता सूची की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस जारी है।
इसी सिलसिले में 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में CJP ने प्रदर्शन किया था। पुलिस से अनुमति नहीं मिलने के बावजूद वहां प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस दौरान अभिजीत दीपके ने ऐलान किया कि अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं, तो 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर दोबारा प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने इसे शांतिपूर्ण आंदोलन बताते हुए लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की।
गौरतलब है कि CJP के X अकाउंट को लेकर पहले भी विवाद हो चुका है। मई 2026 में पार्टी का अकाउंट भारत में प्रतिबंधित किया गया था। उस समय X ने कानूनी मांग के जवाब में कार्रवाई की बात कही थी। बाद में जुलाई में दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद अकाउंट बहाल कर दिया गया।
ऐसे में अब एक बार फिर पोस्ट पर प्रतिबंध और अकाउंट हटाए जाने की आशंका ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, सोशल मीडिया पर सामग्री प्रतिबंधित करने के नियमों और राजनीतिक आंदोलनों को लेकर बहस छेड़ दी है। अब सबकी नजरें 10 अक्टूबर के जंतर-मंतर प्रदर्शन और इस विवाद पर आगे आने वाली प्रतिक्रियाओं पर टिकी हैं।