देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल गया है। एक ओर उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ इलाकों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की विदाई का दौर जारी है, वहीं पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में बारिश का सिलसिला बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार पश्चिम-मध्य और उससे सटी उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना डीप डिप्रेशन उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट की ओर बढ़ा और इसके प्रभाव से ओडिशा समेत आसपास के इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति बनी। IMD के 23 सितंबर के बुलेटिन में इस सिस्टम के विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच तट पार करने की संभावना जताई गई थी।
24 सितंबर को भी इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में IMD ने भारी बारिश तथा आंधी-तूफान और बिजली चमकने को लेकर चेतावनी जारी की है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम के लिए 24 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि 25 सितंबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
ओडिशा के तटीय इलाकों में भी डीप डिप्रेशन के कारण मौसम खराब रहने और भारी से अत्यधिक भारी बारिश वाले क्षेत्रों में दृश्यता कम होने की चेतावनी दी गई थी। दक्षिण भारत की बात करें तो केरल में भी 24 सितंबर को भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना है। IMD के क्षेत्रीय पूर्वानुमान में केरल के लिए 23 से 25 सितंबर तक भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इस दौरान कुछ स्थानों पर तेज हवाओं और बिजली गिरने जैसी मौसमी गतिविधियों को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह है। इसके अलावा बंगाल की खाड़ी से जुड़े मौसम तंत्र का प्रभाव आंध्र प्रदेश तथा आसपास के क्षेत्रों में भी देखने को मिल सकता है।