कल्पा में 8वीं हिमाचल प्रदेश एनसीसी बटालियन के तत्वावधान में आयोजित वाइब्रेंट विलेज और संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन 353 एनसीसी कैडेट्स के लिए उद्घाटन संबोधन आयोजित किया गया। इस दौरान 8वीं हिमाचल प्रदेश एनसीसी बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल बीएमएस परमार ने कैडेट्स का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कैडेट्स से शिविर के दौरान अनुशासन, समर्पण और उत्साह के साथ सभी गतिविधियों में भाग लेने का आह्वान किया। कर्नल बीएमएस परमार ने कहा कि एनसीसी शिविर कैडेट्स के लिए सीखने और अपने व्यक्तित्व को निखारने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कैडेट्स को शिविर में मिलने वाले प्रत्येक अवसर का भरपूर लाभ उठाने और हर गतिविधि में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिविर के दौरान हासिल होने वाले अनुभवों और सीख को कैडेट्स अपने व्यक्तित्व और भविष्य के विकास में उपयोग कर सकते हैं। उन्होंने वाइब्रेंट विलेज शिविर के महत्व पर भी प्रकाश डाला। इस शिविर के माध्यम से कैडेट्स को ग्रामीण जीवन को नजदीक से समझने का अवसर मिलेगा। कैडेट्स विभिन्न गांवों का भ्रमण करेंगे और स्थानीय ग्रामीणों से बातचीत कर उनके जीवन, संस्कृति, परंपराओं और दैनिक गतिविधियों को जानेंगे। इससे उन्हें सीमावर्ती और दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक परिस्थितियों को समझने में मदद मिलेगी। कर्नल परमार ने कैडेट्स को अनुशासन और समर्पण को जीवन का हिस्सा बनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि एनसीसी केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं में जिम्मेदारी, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास विकसित करने का माध्यम भी है। उन्होंने कैडेट्स से शिविर की प्रत्येक गतिविधि में पूरे उत्साह के साथ भाग लेने और अपने अनुभवों से सीखने का आह्वान किया। वाइब्रेंट विलेज और संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य कैडेट्स में अनुशासन के साथ नेतृत्व क्षमता, आत्मनिर्भरता और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देना है। इसके अलावा शिविर के माध्यम से युवाओं में राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के भ्रमण और स्थानीय लोगों से संवाद के जरिए कैडेट्स को देश के सीमावर्ती एवं दूरस्थ क्षेत्रों के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।