कीरतपुर-मनाली फोरलेन परियोजना के पंडोह बाईपास-टकोली हिस्से में दयोड़ से हणोगी के बीच बनी टनलों को लेकर राहत भरी खबर है। एनएचएआई ने अगले 7 से 10 दिनों में एक टनल को यातायात के लिए तैयार करने का लक्ष्य रखा है। इसके खुलने के बाद कुल्लू-मनाली जाने वाले वाहन चालकों को पुराने संवेदनशील और खतरनाक हाईवे के कई हिस्सों से राहत मिल सकेगी। शुरुआत में दोनों टनलों में से एक के जरिये ही दोतरफा यातायात संचालित किया जाएगा। दूसरी टनल की मरम्मत का काम इसके बाद चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। दोनों टनलों के पूरी तरह तैयार होने के बाद अलग-अलग दिशाओं में यातायात संचालित करने की व्यवस्था की जा सकेगी। दयोड़-हणोगी की दोनों टनलें निर्माण के अंतिम चरण में पहुंच चुकी थीं, लेकिन हणोगी के पास पहाड़ी के लगातार दरकने और आपदा की स्थिति के चलते टनलों के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचा। इसके कारण यातायात शुरू होने से पहले ही इनकी मरम्मत की जरूरत पड़ गई। एनएचएआई ने करीब 24 मीटर क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत के लिए 50 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट मंजूर किया है। मरम्मत का जिम्मा गावर कंपनी को दिया गया है, जबकि टनलिंग विशेषज्ञ भारत कंस्ट्रक्शन कंपनी के माध्यम से काम कराया जा रहा है। वर्तमान में मरम्मत कार्य अंतिम चरण में बताया जा रहा है। एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर वरुण चारी के अनुसार, संबंधित कंपनी को अगले 7 से 10 दिनों में एक टनल का काम पूरा कर यातायात के लिए खोलने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल एक टनल में दोनों दिशाओं का ट्रैफिक चलाने की तैयारी है। इसके बाद दूसरी टनल का काम पूरा किया जाएगा। 20 अक्तूबर से शुरू होने वाले अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव को देखते हुए टनल को समय पर शुरू करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उत्सव के दौरान देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु कुल्लू पहुंचते हैं, जिससे कुल्लू-मनाली मार्ग पर वाहनों का दबाव काफी बढ़ जाता है। यदि निर्धारित समय के अनुसार टनल यातायात के लिए खोल दी जाती है तो दशहरे से पहले कुल्लू-मनाली सफर करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है। इससे पुराने हाईवे के भूस्खलन और अन्य संवेदनशील हिस्सों पर निर्भरता भी कम होने की उम्मीद है।