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दो महीने बाद धर्मशाला लौटे दलाई लामा, गगल से मैक्लोडगंज तक हुआ भव्य स्वागत; आज से तीन दिवसीय शिक्षाएं

Ankesh Dogra Updated Fri, 04 Sep 2026 12:01 PM IST

करीब दो महीने तक लद्दाख में रहने के बाद तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा शुक्रवार सुबह अपने निवास धर्मशाला के मैक्लोडगंज लौट आए। उनके लौटने की खबर मिलते ही मैक्लोडगंज और आसपास के तिब्बती इलाकों में उत्साह का माहौल बन गया। दलाई लामा सुबह कांगड़ा एयरपोर्ट के गगल स्थित परिसर पहुंचे। यहां से कड़ी सुरक्षा के बीच वह सड़क मार्ग से मैक्लोडगंज के लिए रवाना हुए। रास्ते में कई स्थानों पर तिब्बती समुदाय की ओर से स्वागत की विशेष व्यवस्था की गई थी। जगह-जगह सजाए गए तोरणद्वार उनके स्वागत का प्रमुख आकर्षण रहे। दलाई लामा 28 जून को लद्दाख पहुंचे थे। करीब दो महीने के प्रवास के दौरान उन्होंने वहां कई धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजनों में भाग लिया। लेह में छह जुलाई को उनका 91वां जन्मदिन भी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। अगस्त के अंतिम सप्ताह तक लद्दाख में उनके धार्मिक कार्यक्रम चलते रहे। प्रवास पूरा होने के बाद एक सितंबर को लेह की विभिन्न धार्मिक संस्थाओं ने उनके सम्मान में विदाई कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान धार्मिक नेताओं ने शांति, करुणा और सामाजिक सौहार्द के क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया। लद्दाख से वापसी के साथ ही दलाई लामा का धर्मशाला में तीन दिवसीय शिक्षण कार्यक्रम भी निर्धारित है। चार से छह सितंबर तक मुख्य तिब्बती मंदिर में वह एशियाई देशों से आए साधकों को आध्यात्मिक शिक्षाएं देंगे। कार्यक्रम के तहत बौद्ध दर्शन और साधना से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर उनका मार्गदर्शन होगा। इनमें चार आर्य सत्य और उनकी 16 विशेषताएं, ज्ञान प्राप्ति के 37 कारक और नागार्जुन की बोधिचित्त से संबंधित रचना प्रमुख हैं। दलाई लामा के आगमन और प्रस्तावित शिक्षाओं को लेकर मुख्य तिब्बती मंदिर परिसर में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। विभिन्न देशों से आए साधकों और अनुयायियों में कार्यक्रम को लेकर खास उत्साह है। शिक्षाओं में शामिल होने के लिए पंजीकरण अनिवार्य रखा गया है। तीन दिन चलने वाले इस कार्यक्रम के दौरान धर्मशाला एक बार फिर दलाई लामा की आध्यात्मिक शिक्षाओं का प्रमुख केंद्र बनेगा। दलाई लामा की वापसी सिर्फ धार्मिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रही। उनके स्वागत के लिए गगल से मैक्लोडगंज तक तिब्बती समुदाय की तैयारियां भी देखने को मिलीं। लंबे लद्दाख प्रवास के बाद धर्मशाला लौटे दलाई लामा की एक झलक पाने के लिए अनुयायियों में उत्सुकता रही। मैक्लोडगंज में उनकी वापसी के साथ ही आने वाले दिनों में धार्मिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी। चार से छह सितंबर तक होने वाली शिक्षाओं पर देश-विदेश से पहुंचे साधकों की नजर है।

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