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करनाल के कर्ण स्टेडियम में खिलाड़ियों ने कोच से कटवाया केक, तलवारबाजी व मुक्केबाजी खिलाड़ियों ने किया आयोजन

करनाल। कर्ण स्टेडियम में शनिवार को शिक्षक दिवस का के उपलक्ष में तलवारबाजी और बॉक्सिंग के उभरते हुए खिलाड़ियों ने अपने गुरुओं के प्रति आदर प्रकट किया। दोनों खेल के कोचों ने खिलाड़ियों के आग्रह पर केक काटा। तलवारबाजी के खिलाड़ियों ने अपने हाॅल और मुक्केबाजी के खिलाड़ियों ने अपनी रिंग में केक कटवाया। सभी खिलाड़ियों ने अपने कोच को केक खिलाया और उनका आशीर्वाद लिया। खिलाड़ियों ने कहा कि खेल के मैदान में कोच ही उनके असली गुरु और मार्गदर्शक होते हैं। खिलाड़ियों ने कहा कि जिस प्रकार एक शिक्षक कक्षा में बच्चे के भविष्य की नींव रखता है, ठीक उसी तरह एक खेल प्रशिक्षक मैदान पर कठिन परिश्रम, अनुशासन और सही तकनीक के माध्यम से खिलाड़ी के चरित्र व खेल कौशल को तराशता है। खिलाड़ियों ने कहा कि हमारे कोच न केवल हमें खेल की बारीकियां सिखाते हैं, बल्कि जीवन में आने वाली हर चुनौती का डटकर मुकाबला करने की प्रेरणा भी देते हैं। मैदान पर उनकी हर डांट में हमारी सुधार की गुंजाइश छिपी होती है और उनका एक प्रोत्साहन भरा शब्द हमारे अंदर जीत का नया जुनून भर देता है। आज हम जिस मुकाम पर हैं, उसका पूरा श्रेय हमारे गुरुओं की अनवरत मेहनत को जाता है। खिलाड़ियों के इस अनूठे सम्मान और प्रेम से अभिभूत होकर उपस्थित कोचों ने सभी प्रशिक्षुओं को अपना आशीर्वाद दिया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। दोनों खेल के कोचों ने कहा कि गुरु और शिष्य का रिश्ता अत्यंत पवित्र होता है। जब कोई खिलाड़ी मैदान पर पसीना बहाकर राज्य या राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतता है, तो वही एक कोच के लिए सबसे बड़ा उपहार और सम्मान होता है। उन्होंने कहा कि अनुशासन, कड़ी मेहनत और निरंतर अभ्यास ही सफलता की कुंजी है। खेल में हार और जीत एक सिक्के के दो पहलू हैं, लेकिन एक सच्चा खिलाड़ी वही है जो हर परिस्थिति से सीख लेकर आगे बढ़ता है। अंत में सभी खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के बीच मिठाइयां बांटी गईं।

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