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झज्जर में बिजली विभाग के निजीकरण पर भड़के कर्मचारी, सीएम, केंद्रीय मंत्री के पुतले फूंके

बिजली विभाग के निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों ने हरियाणा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को बिजली विभाग की विभिन्न कर्मचारी यूनियनों ने झज्जर शहर की सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने शहर के अंबेडकर चौक पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी,केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग के अध्यक्ष मुकेश गर्ग के पुतले फूंककर विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सरकार से निजीकरण का फैसला वापस लेने की मांग की।बिजली कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान भूपेंद्र यादव ने कहा कि 19 तारीख को उन्हें सूचना मिली थी कि गुरुग्राम और पलवल जिलों के सर्किल बिजली डिवीजन को निजी कंपनियों के हाथों में सौंप दिया गया है। इसकी जानकारी मिलते ही बिजली कर्मचारी यूनियनों की बैठक हुई ,जिसमें सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने का फैसला लिया गया। इसी निर्णय के तहत कर्मचारियों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ अपना रोष जाहिर किया। भूपेंद्र यादव ने कहा कि अगस्त महीने में कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान बिजली मंत्री ने आश्वासन दिया था कि बिजली विभाग का निजीकरण नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद निजीकरण की दिशा में कदम उठाए जाने से कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस फैसले से कर्मचारियों के रोजगार पर संकट खड़ा होगा और आम जनता के लिए बिजली महंगी होने की आशंका बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि निजीकरण के विरोध में पूरे हरियाणा में सरकार के पुतले फूंके गए हैं। आंदोलन के अगले चरण में कर्मचारी आदेश की प्रतियां जलाएंगे,जिसके बाद तीन दिन की हड़ताल की जाएगी। भूपेंद्र यादव ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों को नहीं माना तो राज्य कमेटी के फैसले के अनुसार आगे आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा,"जब तक हमारी रगों में खून है, हम बिजली बोर्ड को बिकने नहीं देंगे।"

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