झज्जर। नगर परिषद सभागार में हाउस की साधारण बैठक में मंगलवार को गलियों के निर्माण के अलावा शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर पार्षदों ने अपनी नाराजगी जाहिर की। पार्षदों ने आरोप लगाए कि सफाई व्यवस्था की कोई मॉनिटरिंग नहीं हो रही। पार्षदों ने कहा कि अब केवल चार-पांच महीने पडे़ हैं। अब काम करवा दो, नहीं तो हमारी बिरानमाटी हो जाएगी। पार्षदों की नाराजगी देखते हुए ईओ देवेंद्र कुमार ने कहा कि सेनेटरी इंस्पेक्टर को 15 दिन का समय दिया जा रहा है। यदि 15 दिन में भी सुधार नहीं हुआ तो वह खुद उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए विभाग को लिखेंगे। बैठक चार प्रमुख एजेंडों को पारित करवाने के लिए बुलाई गई थी, जिनको पारित कर दिया गया। इसके अलावा शहर से बेसहारा पशु, बंदर पकड़ने के लिए टेंडर लगाने, दिवाली को देखते हुए सभी चौक पर लड़ियां लगवाने, एमआरएफ सेंटर की लीज एक साल बढ़ाने, आंबेडकर चौक पर नगर परिषद के प्लाट पर बिना अनुमति लेंटर डालने के मामले में कार्रवाई करने के प्रस्ताव पारित किए गए। बैठक की अध्यक्षता नगर परिषद के चेयरमैन जिले सिंह सैनी ने की। बैठक की जैसे ही शुरुआत हुई तो ईओ देवेंद्र कुमार ने पार्षद प्रतिनिधियों को बाहर जाने के लिए कह दिया। इस पर प्रतिनिधि नाराज हो गए। पार्षद प्रतिनिधि तिलकराज और महावीर गुर्जर ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि बैठक में प्रतिनिधि बैठेंगे, लेकिन ईओ ने इन्कार कर दिया। इस पर पार्षद सुषमा और उनके प्रतिनिधि तिलकराज बैठक का बायकाट कर बाहर चले गए। इसके बाद बैठक में प्रतिनिधियों के बैठने पर सहमति बनी तो उनको वापस बुलाया गया। बैठक में तिरंगा लाइट के खराब होने पर भी सवाल उठाए और बिल पास नहीं करने की बात कही। बैठक में पार्षदों ने धर्मशालाओं को भी ग्रांट जारी करने की मांग की। बैठक में मांग की गई कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान गाड़ियां नहीं आई, ऐसे में उस समय का भुगतान नहीं होना चाहिए। बैठक में पार्षद यशपाल ने शहीदों पार्क के बोर्ड बदलने के अलावा लाइट व फव्वारा बंद होने की बात कही। साथ ही ठेकेदार से काम कराने की मांग की।