नागरिक अस्पताल में एक दिन की छुट्टी के बाद सोमवार को ओपीडी खुली तो मरीजों की ओपीडी भी बढ़ गई। डिस्पेंसरी पर दवा लेने के लिए मरीजों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। यहां तक डेढ़ घंटे तक दवाई न मिलने पर मरीजों ने हंगामा भी किया। हालात ये हो गए कि कई मरीजों की पर्ची गुम हो गई तो किसी को डेढ़ से दो घंटे बाद दवाई मिली तो आधी-अधूरी दी गई। सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर 2 बजे तक धक्का-मुक्की के हालात रहे। डिस्पेंसरी में सोमवार को एक ही फार्मेसी ऑफिसर की डयूटी रह और दो प्रशिक्षुओं के सहारे दवाई देने की व्यवस्था रही। मरीजों ने आरोप लगाए कि दवाई देने में समय लगाया जा रहा है और न ही उन्हें बताया गया कि कौन सी दवाई दे दी है और कौन सी रह गई है। यहां तक दवाई देने के बाद लेने के तरीके को भी नहीं बताया गया। रतिया से आई महिला मरीज ने आरोप लगाया कि उसकी पर्ची गुम कर दी गई। डेढ़ घंटे तक लाइन में लगने के बाद भी उसे दवाई नहीं दी गई।