जिले के ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर है। जिला स्वास्थ्य विभाग ने 34 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप-मंडल अस्पतालों में टेली-ईसीजी मशीनें स्थापित की हैं। इस सुविधा के शुरू होने से अब मरीजों को हृदय संबंधी जांच के लिए शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। यह सुविधा पिछले एक महीने से सफलतापूर्वक कार्य कर रही है। प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव और अतिरिक्त मुख्य सचिव सुमिता मिश्रा के विशेष प्रयासों से यह पहल संभव हुई है। सिविल सर्जन रघुवीर शांडिल्य ने बताया कि जिले के 34 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप-मंडल अस्पतालों में ये टेली-ईसीजी मशीनें लगाई गई हैं। उन्होंने बताया कि पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर ईसीजी की कोई व्यवस्था नहीं थी। अब गांव स्तर पर ही मरीजों की मौके पर जांच हो सकेगी। इस आधुनिक सुविधा के तहत मरीज की ईसीजी रिपोर्ट मात्र दो से तीन मिनट के भीतर मिल जाएगी। यह रिपोर्ट सीधे हृदय रोग विशेषज्ञ द्वारा तैयार की जाएगी। इससे हृदयघात के लक्षणों वाले मरीजों की तुरंत पहचान हो सकेगी। उन्हें समय रहते सही उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।