यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के खिलाफ दयातनपुर गांव में किसानों का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन 33वें दिन भी जारी रहा। आंदोलन को मजबूत करने के लिए मंगलवार को किसान संघर्ष समिति की ओर से धरना स्थल पर महापंचायत आयोजित की गई, जिसमें 22 किसान संगठनों ने हिस्सा लेकर अपना समर्थन दिया। महापंचायत के दौरान किसानों ने 7 प्रतिशत आवासीय भूखंड, 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा और 60 मीटर सर्विस रोड से प्रभावित आबादी के बदले आबादी दिए जाने की प्रमुख मांगें उठाईं। मौके पर जेवर के उप-जिलाधिकारी और यमुना प्राधिकरण के अधिकारी पहुंचे, लेकिन किसानों के साथ हुई वार्ता बेनतीजा रही। प्रशासन की ओर से कोई ठोस समाधान न मिलने पर किसानों ने मांगें पूरी होने तक दिन-रात धरना जारी रखने का ऐलान किया है। अब किसान अपनी मांगों को लेकर 7 सितंबर को उप-जिलाधिकारी और प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अगले दौर की वार्ता करेंगे। वहीं, धरने पर राकेश कुमार, वीर, श्यौराज, नरेंद्र नागर, अमन, विजय पाल, भूपेंद्र, शीला भाटी, ओम दत्त, राम राज, रामवीर, दीपक, सतीश, सूबेदार, जयकुमार और संजय शर्मा सहित अन्य किसान मौजूद रहे।