गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में तीन दिनों से जिस तालाब के किनारे एक परिवार अपने लापता सदस्य के सकुशल लौटने की उम्मीद लगाए बैठा था, बुधवार सुबह वही इंतजार मातम में बदल गया। पेंड्रा थाना क्षेत्र के जाटादेवरी गांव के वासिमपाट निवासी रामदयाल पनिका का शव आखिरकार तालाब से बरामद कर लिया गया। बिलासपुर से पहुंची एसडीआरएफ टीम ने दो दिनों तक लगातार चलाए गए रेस्क्यू अभियान के बाद बुधवार को शव को बाहर निकाला।
जानकारी के मुताबिक, रामदयाल सोमवार सुबह गांव के चौक स्थित तालाब की ओर गया था। ग्रामीणों ने उसे तालाब में जाते हुए देखा था, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। काफी देर तक घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। मोबाइल फोन बंद मिलने के बाद परिवार की चिंता और बढ़ गई।
घटना की जानकारी पेंड्रा पुलिस को दी गई। इसके बाद गांव के तैराकों ने तालाब में खोजबीन शुरू की। काफी प्रयास के बावजूद जब रामदयाल का कोई सुराग नहीं मिला तो बिलासपुर से एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया।
एसडीआरएफ की टीम ने मंगलवार सुबह से तालाब में व्यापक तलाशी अभियान चलाया। गोताखोरों ने तालाब के अलग-अलग हिस्सों में काफी देर तक खोजबीन की, लेकिन मंगलवार शाम तक सफलता नहीं मिली। अंधेरा होने के बाद अभियान रोक दिया गया।
बुधवार सुबह टीम ने एक बार फिर पूरी तैयारी के साथ तलाश शुरू की। कई घंटों की मेहनत के बाद आखिरकार रामदयाल का शव तालाब से बरामद कर लिया गया। शव बाहर आते ही मौके पर मौजूद परिजनों की उम्मीद टूट गई। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। तीन दिनों से तालाब के किनारे अपनों के लौटने की आस लगाए बैठे परिवार के लिए यह खबर बेहद दर्दनाक रही।
पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना की परिस्थितियों और कारणों की जांच की जा रही है। हादसे के बाद पूरे जाटादेवरी गांव में शोक का माहौल है।