Udhamsingh Nagar: पांच साल की बेटी को खेलने से मना किया, नही मानी लड़की; गुस्साए पिता ने मारी ईंट...मौत
Kashipur: बच्चों के साथ घर के बाहर खेल रही मासूम जब कहने पर घर में नहीं गई तो गुस्साए पिता ने उसे ईंट फेंक मारी। इससे गंभीर रूप से घायल बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई।
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काशीपुर में बच्चों के साथ घर के बाहर खेल रही मासूम जब कहने पर घर में नहीं गई तो गुस्साए पिता ने उसे ईंट फेंक मारी। इससे गंभीर रूप से घायल बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बच्ची के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने आरोपी पिता को हिरासत में ले लिया है।
रामनगर रोड स्थित हनुमान कॉलोनी निवासी नन्हे सिंह की पांच वर्षीय बेटी योगिता सोमवार दोपहर करीब ढाई बजे घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान जब नन्हे पहुंचा तो उसने बेटी को अंदर जाने के लिए कहा लेकिन योगिता अंदर नहीं गई तो पिता ने गुस्से में उस पर ईंट फेंकी। ईंट सिर पर लगने से बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। शोर-शराबा होने पर परिजन आनन-फानन उसे एलडी भट्ट उप जिला चिकित्सालय ले गए। उसकी गंभीर हालत को देखते हए डॉक्टर ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उसे मुरादाबाद रोड स्थित एक निजी अस्पताल में ले गए, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
उधर, पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों ने बताया कि नन्हे एक फार्म हाउस में मेहनत-मजदूरी करता है। वह मानसिक रूप से परेशान रहता है, जिसके चलते उसे समय-समय पर अत्यधिक गुस्सा आ जाता है। योगिता की दो साल की एक बहन भी है।
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पांच वर्षीय बच्ची को ईंट मारकर घायल करने व इलाज के दौरान उसकी मौत होने का मामला सामने आया है। आरोपी पिता नन्हे को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उसका एक बार एक्सीडेंट हो गया था, तब से वह मानसिक रूप से परेशान रहता है।
- अभय प्रताप सिंह, एसपीI
पहले भी माता-पिता बने औलाद की मौत का कारण
कभी-कभी अत्यधिक गुस्सा आना परिवार के लिए घातक साबित हो जाता है। ऐसे में कई बार जीवनभर न भूल पाने वाली दुर्घटनाएं हो जाती हैं। काशीपुर के हनुमान कॉलोनी में हुई घटना भी गुस्से का ही दुष्परिणाम है। जिले में इससे पहले भी कुछ ऐसे मामले आए हैं, जहां माता-पिता ही अपने बच्चों की मौत का कारण बने हों।
मोहल्ला अल्ली खां खालिक कॉलोनी निवासी अली हसन ने 24 नवंबर 2023 को अपनी दो बेटियों को तंत्र-मंत्र के चक्कर में मार डाला था। उसके अनुसार बेटियों पर ऊपरी हवा का साया था, जिसके चलते वह स्वयं तंत्र-मंत्र करता रहता था। वहीं ग्राम सरवरखेड़ा निवासी एक व्यक्ति परिवार साथ ठाकुरद्वारा में एक बाग में रहकर देखभाल करता था। आरोप था एक महीने पहले दंपती के बीच हुए विवाद में पति परिवार को छोड़कर अपने घर सरवरखेड़ा गया था। इसी बीच, पत्नी ने मासूम बच्ची के रोने पर उसे गुस्से में आकर चारपाई से जमीन पर पटक दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। यह मामला आरोप-प्रत्यारोप तक ही सिमट गया था। कोई तहरीर नहीं मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की।
क्या कहते हैं मनोचिकित्सक
रुद्रपुर राजकीय चिकित्सालय के मनोचिकित्सक डॉ. ईश कुमार डल्ला ने इसे आवेश में हुई घटना बताया। अक्सर ऐसी घटना तब घटती है, जब व्यक्ति मानसिक रूप से परेशान हो, नशे का आदी हो या फिर उसे नींद नहीं आने की शिकायत हो। ऐसे लोगों में चिड़चिड़ापन आ जाता है। ऐसे लोगों को कई बार अच्छी बात भी बुरी लगती है और वे जल्द आवेश में आ जाते हैं। यदि किसी भी परिवार में इस तरह का कोई व्यक्ति है तो उसका तत्काल मनोचिकित्सक से इलाज कराएं अन्यथा वह भविष्य में कभी भी कोई बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है।I