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क्रय केंद्रों में पसरा सन्नाटा, खरीद शून्य

Sun, 01 Apr 2018 11:59 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला ब्यूरो, ऊधमसिंह नगर
ब्यूरो/ अमर उजाला ब्यूरो, ऊधमसिंह नगर Updated Sun, 01 Apr 2018 11:59 PM IST
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Zero purchase in wheat purchasing centers
रुद्रपुर में आरएफसी के कांटे पर बैठे कर्मचारी। - फोटो : अमर उजाला

गेहूं खरीद के पहले दिन फसल बिक्री के लिए किसानों के न पहुंचने से जिले के सभी 104 क्रय केंद्रों में सन्नाटा पसरा रहा। रबी विपणन सत्र 2018-19 के लिए शासन स्तर पर खरीद नीति नहीं बनने से प्रशासन और सहकारिता विभाग के अफसर भी असमंजस में नजर आए। सरकार का एक अप्रैल से गेहूं खरीद करना भी किसानों के गले नहीं उतर रहा है। दरअसल, खेतों में अभी गेहूं ठीक से पका नहीं। जबकि यहां गेहूं को बैैैसाखी से काटने की परंपरा है और इसमें करीब दो सप्ताह शेष हैं। 

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उत्तराखंड में एक अप्रैल से गेहूं की खरीद की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। ऊधम सिंह नगर जिले में गेहूं खरीद के लिए सहकारिता विभाग, उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ और आरएफसी के लगाए 104 कांटों में पहले दिन सन्नाटा पसरा रहा। तराई विकास सहकारी संघ लिमिटेड में लगाए यूसीएफ के कांटे, गल्ला मंडी में आरएफसी के केंद्र, गल्ला मंडी में ही लगे सहकारिता विभाग के क्रय केंद्र पर दिनभर कर्मचारी किसानों का इंतजार करते नजर आए। 
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इसके अलावा कुछ क्रय केंद्रों पर बारदाना और नमी मापक यंत्र भी नहीं मिले। जबकि रबी विपणन सत्र 2018-19 के लिए खरीद नीति न बनने के कारण अधिकारियों के समक्ष गेहूं खरीद का लक्ष्य का पता नहीं है। गेहूं खरीद के नोडल अधिकारी डीएस नपलच्याल ने बताया कि जिले में सभी कांटे चालू करा दिए गए हैं। एक सप्ताह के भीतर क्रय केंद्रों पर किसानों के पहुंचने की उम्मीद है। कहा कि गेहूं में नमी का मानक 12 प्रतिशत है। गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1735 रुपये निर्धारित किया गया है। 
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एक लाख, 75 हजार कट्टे अभी भी केंद्रों में शेष 
गेहूं क्रय के लिए अभी कुछ केंद्रों पर बारदाना उपलब्ध नहीं है। हालांकि यूसीएफ का कहना है धान की फसल के लिए दिए अभी भी करीब एक लाख 75 हजार कट्टे शेष हैं। इन कट्टों के समाप्त होने के बाद दूसरे कट्टे भेजे जाएंगे। यूसीएफ के जिला प्रभारी हेम कबडवाल का कहना है कि जिन-जिन केंद्रों में बारदाना उपलब्ध नहीं है, वहां दो दिन के भीतर बारदाना उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आरएफसी के गोदामों से बारदाना मंगाया जा रहा है। 


गेहूं खरीद सरकारी एजेंसी से कराने की मांग की
काशीपुर। सहकारी समिति की ओर से खरीदे गए धान का पूरा भुगतान नहीं होने से नाराज किसान सहकारी समितियों के केंद्रों पर गेहूं नहीं तुलवाएंगे। किसान विकास क्लब के अध्यक्ष अरुण शर्मा ने कहा कि पिछले साल भी सहकारी खरीद पर गेहूं तुलवाने वाले किसानों को भुगतान समय से नहीं किया गया। उन्होंने सरकारी एजेंसी से गेहूं खरीद कराने की मांग की है। 

तौल कांटे लगे, नहीं पहुंचा गेहूं
जसपुर। शासन के निर्देश पर एक अप्रैल से गेहूं खरीद के लिए क्रय केंद्रों पर तौल कांटे लगा दिए हैं लेकिन कोई भी किसान गेहूं लेकर नहीं पहुंचा। खरीद प्रभारी वीपी त्रिवेदी ने बताया कि जसपुर में आठ क्रय केंद्र बनाए गए हैं। 


गेहूं कटाई में मजदूरी हुई महंगी, किसान परेशान
खटीमा। सीमांत क्षेत्र में गेहूं की फसल पककर तैयार खड़ी है, लेकिन किसानों को फसल काटने के लिए मजदूरों की तंगहाली का सामना करना पड़ रहा है। यूपी से यहां आने वाले मजदूर भी अब 250 के बजाय 350 रुपये आठ घंटे मजदूरी ले रहे हैं। इससे किसानों को फसल समेटने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसान अपनी फसल समेटने के लिए चिंतित है। 

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