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गर्दन में चाकू घोंपकर दलित किसान की हत्या

Thu, 02 Nov 2017 11:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो काशीपुर।
अमर उजाला ब्यूरो काशीपुर। Updated Thu, 02 Nov 2017 11:50 PM IST
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Killing of a dalit farmer by digging knives in the neck
काशीपुर सरकारी अस्पताल में रोती बिलखती मृतक की पत्नी और अन्य। - फोटो : अमर उजाला
 कुंडा थाना क्षेत्र के ग्राम जगतपुर पट्टी में फावड़े से हमलाकर और गले में चाकू घोंपकर एक दलित किसान की निर्मम हत्या कर दी गई। हमले में मृतक का एक भाई भी घायल हो गया। वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारे पिता-पुत्र अपनी गाड़ी से चौकी पहुंचे और आत्मसमर्पण कर दिया। हत्याकांड की पृष्ठभूमि में नहर पटरी की सरकारी जमीन पर कब्जे और लेनदेन का विवाद बताया जा रहा है।
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कुंडा के ग्राम जगतपुर पट्टी निवासी दुल्ली सिंह के छोटे पुत्र मनमोहन सिंह के नाम करीब डेढ़ एकड़ काश्त की भूमि है। उसके निकट काशीपुर वैशाली कॉलोनी निवासी मोदन सिंह पुत्र स्व. चंदन सिंह और उसके पुत्र सुखराज के नाम करीब साढ़े आठ एकड़ भूमि है। इससे सटी नहर पटरी श्रेणी 6 (1) की करीब सवा तीन बीघा जमीन पहले पिता-पुत्र जोतते रहे हैं। मनमोहन सिंह ने इस भूमि की पैमाइश करा दी। इसके चलते पिता-पुत्र के कब्जे से नहर पटरी की भूमि निकल गई। बाद में इस जमीन को मनमोहन जोतने लगा। इसी को लेकर दोनों के बीच रंजिश चली आ रही थी।
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बृहस्पतिवार को सुबह दस बजे मनमोहन की पत्नी बीना घर में नाश्ता तैयार कर रही थी। घर में मजदूर काम कर रहे थे। इसी वक्त एक कीटनाशक दवा विक्रता, जिसका मनमोहन पर पांच हजार रुपये बकाया था, ने फोन कर उसे कुछ मीटर की दूरी पर स्थित खेत पर बुलाया। रुपये का तकादा करने पर उनके बीच कहासुनी हो गई। वहीं अपने खेत में धान झड़वा रहे मोदन सिंह और उसका बेटा सुखराज भी मनमोहन से उलझ पड़े। मनमोहन देख लेने की धमकी देकर घर वापस आया और अपने भाई-भतीजों समेत सात-आठ लोगों को साथ लेकर फिर खेत पर जा पहुंचा।
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वहां दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो गई। आरोप है कि दोनों पिता-पुत्र ने फावड़े से हमलाकर मनमोहन व उसके भाई शेर सिंह को घायल कर दिया। हमलावरों ने मनमोहन के गले में चाकू घोंप दिया। इससे मनमोहन सिंह खेत में ही गिर पड़ा। सूचना पर एंबुलेंस 108 ने उसे राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया। अत्यधिक रक्तस्राव से रास्ते में ही मनमोहन की मौत हो गई। वारदात के बाद मोदन सिंह और सुखराज गाड़ी से शिवराजपुर पट्टी चौकी पहुंचे और आत्मसमर्पण कर दिया।

गिरफ्तारी न होने तक पोस्टमार्टम न कराने की जिद पर अड़े परिजन
जगतपुर पट्टी निवासी मनमोहन सिंह की हत्या के बाद अस्पताल परिसर में पुलिस अधिकारियों को मृतक के परिजनों व रिश्तेदारों का भारी आक्रोश झेलना पड़ा। गुस्साए लोगों ने पुलिस पर आरोपियों के साथ मिलीभगत का भी आरोप लगाया। सूचना पाकर एएसपी डॉ. जगदीश चंद्र, सीओ राजेश भट्ट, कोतवाल चंचल शर्मा, कुंडा थाना प्रभारी सुधीर कुमार पुलिस बल के साथ वहां पहुंच गए। मृतक की पत्नी बीना, बहनें नेहा, संगीता और रूपवती पुलिस अधिकारियों से उलझ पड़ीं। उन्होंने हत्यारों की गिरफ्तारी न होने तक मृतक के शव का पोस्टमार्टम न कराने की जिद पकड़ ली। सीओ राजेश भट्ट ने बताया कि दो आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी को पुलिस टीमें दबिश दे रही है। एएसपी और सीओ के आश्वासन पर लोग पोस्टमार्टम कराने को राजी हुए। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

ससुरालियों पर साजिश रचने का आरोप
राजकीय चिकित्सालय में ससुराल पक्ष के लोगों ने मृतक के भाई-भतीजों पर गंभीर आरोप लगाए। मृतक के साले कई बार उन्हें पीटने के लिए भी दौड़े। पुलिस को उनके मध्य बीच बचाव कराना पड़ा। शिकायत पर पुलिस ने मृतक के भाई को भी पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है।
जगतपुर पट्टी निवासी मनमोहन का विवाह डेढ़ वर्ष पूर्व ग्राम फसियापुरा निवासी बीना पुत्री कैलाश के साथ हुआ था। उसके आठ माह का पुत्र चीनू भी है। बीना आंगनबाड़ी कार्यकर्ता है। बीना और उसकी मां का आरोप है कि मृतक के भाई उससे रंजिश रखते थे। बीना ने आशंका जताई कि मनमोहन की हत्या में उसके दोनों जेठों की भी साजिश हो सकती है। इस दौरान मायके पक्ष के लोगों ने अस्पताल में मनमोहन के भतीजों से भी हाथापाई की। सीओ ने बताया कि पुलिस को घटना की सूचना मृतक के भतीजे ने ही दी है। इस मामले में मृतक के भाई-भतीजों की कोई भूमिका प्रतीत नहीं होती। फिर भी पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।


इस हत्याकांड की पृष्ठभूमि में जमीनी विवाद सामने आया है। मृतक मनमोहन ने आरोपियों की तीन बीघा जमीन कब्जा रखी थी। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच झगड़ा हुआ। पहले आरोपियों ने फावड़े से हमला किया। उसके बाद चाकू से मनमोहन के गले की नस काट दी। दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है।
-डॉ. जगदीश चंद्र, एएसपी, काशीपुर।
 
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