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दुष्कर्म : जेल अधीक्षक, जेलर समेत तीन पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश

Sun, 05 Aug 2018 12:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो सितारगंज।
अमर उजाला ब्यूरो सितारगंज। Updated Sun, 05 Aug 2018 12:39 AM IST
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case registered on jailor
court Order

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 खटीमा न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दुष्कर्म मामले में संपूर्णानंद जेल के अधीक्षक, जेलर और एक अन्य कर्मचारी के खिलाफ सितारगंज पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए है। पीड़ित महिला ने पहले पुलिस उच्चाधिकारियों से मामलेे में कार्रवाई की गुहार लगाई थी। लेकिन, कोई कार्रवाई न होने पर उसने अदालत की शरण ली।
नगर निवासी एक महिला ने खटीमा के न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया था कि उसके भाई के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज होने पर वर्ष 2003 में उसे भी हल्द्वानी जेल भेज दिया गया था। हल्द्वानी जेल में उस समय डिप्टी जेलर के पद पर कार्यरत और वर्तमान में संपूर्णानंद जेल के अधीक्षक ने उसे कार्यालय बुलाकर दुष्कर्म किया। कुछ दिन बाद वह जमानत पर रिहा हो गई। इसके बाद डिप्टी जेलर की यहां संपूर्णानंद जेल में तैनाती हो गई। यहां वह राजस्व विभाग की जमीन पर खेतीबाड़ी करने साथ ही जेल में एक संस्था के माध्यम से कार्य कर रही थी। तब एक बार फिर उसकी मुलाकात जेल अधीक्षक से हुई। महिला ने आरोप लगाया कि अक्तूबर 2016 में जेल अधीक्षक ने फिर उसे अपने कार्यालय बुलाकर उसके साथ छेड़छाड़ की, जिसका विरोध कर वह घर चली आई। इसके बाद नवंबर 2016 में आरोपी जेल अधीक्षक अपने जेलर और एक अन्य कर्मचारी के साथ उसके घर आया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद जेल अधीक्षक उसके साथ आए दिन दुष्कर्म करने लगा। 26 जनवरी 2017 की रात करीब 8:30 बजे तीनों उसके घर आए और दुष्कर्म किया। महिला का आरोप है कि जेलर और कर्मचारी ने मोबाइल से उसकी वीडियो भी बनाई और इसे इंटरनेट पर अपलोड कर बदनाम करने की धमकी देते हुए उसके साथ दुष्कर्म करते रहे।
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तीन मई 2018 की रात को आरोपियों ने एक बार फिर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद 18 जून 2018 को उसने एसएसपी, मुख्य सचिव, आईजी, डीआईजी, डीजीपी और महिला आयोग की अध्यक्ष को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर उसने न्यायिक मजिस्ट्रेट नाजिश कलीम की अदालत में न्याय के लिए गुहार लगाई। इस पर 28 जुलाई को अदालत ने सितारगंज थानाध्यक्ष को आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। एसएसआई मदन मोहन जोशी ने बताया कि कोर्ट के आदेश की प्रति अभी नहीं मिली है। आदेश आने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। कोतवाल संजय कुमार के मुताबिक फिलहाल कोर्ट के आदेश की कॉपी नहीं मिली है। आदेश आने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
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