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13 वर्ष बाद भी छात्रा के हत्यारे पुलिस पकड़ से बाहर
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जसपुर के जयवती हत्याकांड में पुलिस के हाथ महत्वपूर्ण सुराग लगेे हैं। पुलिस साक्ष्यों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। गांव की ही दो महिलाएं और एक ग्रामीण पुलिस के रडार पर हैं। सोमवार को पुलिस टीम ने ठाकुरद्वारा पहुंचकर एक कोचिंग सेंटर के सामने कोचिंग कराने वाले शिक्षकों तथा ग्रामीणों के बयान लिये। पुलिस को दो महिलाओं और एक ग्रामीण पर हत्या का शक है।
घटना की जांच कर रहे एसएसआई गोविंद सिंह अधिकारी ने बताया कि छात्रा हत्याकांड की जांच में अब तक 48 से अधिक ग्रामीणों के बयान लिए गए हैं। हत्याकांड के तार गांव की ही आपसी रंजिश से जुड़ रहे हैं। ठाकुरद्वारा कोचिंग सेंटर से कोई साक्ष्य नहीं मिला है। बता दें कि ग्राम कासमपुर निवासी छात्रा जयवती (21) 30 सितंबर 2006 को ठाकुरद्वारा से कोचिंग करके अपने घर आ रही थी। गांव के ही निकट अज्ञात हत्यारों ने उसे गन्ने के खेत में खींचकर चाकुओं से गोदकर मार डाला था। मृतका के पिता रामकिशोर ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस हत्याकांड की तीन बार पुलिस तथा एक बार सीबीसीआईडी जांच कर अंतिम रिपोर्ट लगाई जा चुकी है लेकिन 13 वर्ष बाद भी हत्याकांड का खुलासा नहीं हो सका। 23 अगस्त 2018 को मृतका के पिता ने तत्कालीन एसएसपी सदानंद दाते से घटना की पुन: विवेचना कराए जाने का अनुरोध किया था। एसएसपी ने तत्कालीन सीओ राजेश भट्ट को इस मामले की एक बार फिर विवेचना के निर्देश दिए थे। मामले की वर्तमान में विवेचना एसएसआई गोविंद सिंह अधिकारी कर रहे है।
घटना की जांच कर रहे एसएसआई गोविंद सिंह अधिकारी ने बताया कि छात्रा हत्याकांड की जांच में अब तक 48 से अधिक ग्रामीणों के बयान लिए गए हैं। हत्याकांड के तार गांव की ही आपसी रंजिश से जुड़ रहे हैं। ठाकुरद्वारा कोचिंग सेंटर से कोई साक्ष्य नहीं मिला है। बता दें कि ग्राम कासमपुर निवासी छात्रा जयवती (21) 30 सितंबर 2006 को ठाकुरद्वारा से कोचिंग करके अपने घर आ रही थी। गांव के ही निकट अज्ञात हत्यारों ने उसे गन्ने के खेत में खींचकर चाकुओं से गोदकर मार डाला था। मृतका के पिता रामकिशोर ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस हत्याकांड की तीन बार पुलिस तथा एक बार सीबीसीआईडी जांच कर अंतिम रिपोर्ट लगाई जा चुकी है लेकिन 13 वर्ष बाद भी हत्याकांड का खुलासा नहीं हो सका। 23 अगस्त 2018 को मृतका के पिता ने तत्कालीन एसएसपी सदानंद दाते से घटना की पुन: विवेचना कराए जाने का अनुरोध किया था। एसएसपी ने तत्कालीन सीओ राजेश भट्ट को इस मामले की एक बार फिर विवेचना के निर्देश दिए थे। मामले की वर्तमान में विवेचना एसएसआई गोविंद सिंह अधिकारी कर रहे है।
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