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भटवाड़ी के ग्रामीणों ने पांडवों का कराया भोज
Updated Thu, 21 Dec 2017 10:33 PM IST
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ऊखीमठ/रुद्रप्रयाग। क्यूंजा घाटी के कंडारा गांव में आयोजित पांडव नृत्य के 18वें दिन पांडवों ने मंदाकिनी नदी में स्नान किया। इसके बाद पांडवों ने क्षेत्र के गांवों का भ्रमण भी किया।
सात वर्ष के बाद 4 दिसंबर से कंडारा गांव में हो रहे पांडव नृत्य के तहत पांडव पांच किमी दूर चंद्रापुरी पहुंचे। यहां मंदाकिनी नदी में स्नान कर पितरों को तर्पण दिया। यहां पर विशेष पूजा-अर्चना के बाद पांडव पश्वाओं ने चंद्रापुरी बाजार और भटवाड़ी गांव के घर-घर जाकर भक्तों को आशीष दिया। इस मौके पर ग्रामीणों ने पंच पांडवों को भोज (छाका) कराया।
समिति के अध्यक्ष प्रदीप जगवाण ने बताया कि 8 जनवरी को 35 दिवसीय अनुष्ठान का समापन होगा। इस मौके पर ग्राम प्रधान महावीर नेगी, परमानंद गैरोला, उमेश गैरोला, देवानंद गैरोला, कुलदीप भंडारी, चक्रवीर भंडारी, दरवान बिष्ट आदि थे। इधर रुद्रप्रयाग से लगे पुनाड़ गांव और जवाड़ी में भी पाड़व नृत्य का आयोजन हो रहा है। यहां भारी संख्या में क्षेत्रीय गांवों के लोग पहुंच रहे हैं।
सात वर्ष के बाद 4 दिसंबर से कंडारा गांव में हो रहे पांडव नृत्य के तहत पांडव पांच किमी दूर चंद्रापुरी पहुंचे। यहां मंदाकिनी नदी में स्नान कर पितरों को तर्पण दिया। यहां पर विशेष पूजा-अर्चना के बाद पांडव पश्वाओं ने चंद्रापुरी बाजार और भटवाड़ी गांव के घर-घर जाकर भक्तों को आशीष दिया। इस मौके पर ग्रामीणों ने पंच पांडवों को भोज (छाका) कराया।
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समिति के अध्यक्ष प्रदीप जगवाण ने बताया कि 8 जनवरी को 35 दिवसीय अनुष्ठान का समापन होगा। इस मौके पर ग्राम प्रधान महावीर नेगी, परमानंद गैरोला, उमेश गैरोला, देवानंद गैरोला, कुलदीप भंडारी, चक्रवीर भंडारी, दरवान बिष्ट आदि थे। इधर रुद्रप्रयाग से लगे पुनाड़ गांव और जवाड़ी में भी पाड़व नृत्य का आयोजन हो रहा है। यहां भारी संख्या में क्षेत्रीय गांवों के लोग पहुंच रहे हैं।
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