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खांकरा व खेल प्रतिभाओं के लिए मील का पत्थर बनेगी झील
Updated Wed, 27 Dec 2017 10:09 PM IST
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रुद्रप्रयाग। साहसिक खेलों के लिए अब जिले के खांकरा में बच्छणगाड़ में सिंचाई विभाग की ओर से बनाई गई झील में पानी रोकने का काम शुरू हो गया है। जनपद में गाड़-गदेरों पर बनी यह पहली झील साहसिक खेलों के प्लेटफार्म के साथ कस्बे के विकास के लिए अहम मानी जा रही है।
जिला मुख्यालय से करीब 13 किमी की दूरी पर खांकरा में सिंचाई विभाग की ओर से 100 मीटर लंबी व 50 मीटर चौड़ी झील का निर्माण किया गया है। इन दिनों झील में लगभग ढाई लाख लीटर पानी जमा है। जबकि झील की क्षमता करीब 10 से 12 लाख पानी संग्रह की है। पांच मीटर ऊंचाई वाली झील पर तीन मीटर पर एक गेट लगाया गया है, जिससे बरसात या अन्य विषम परिस्थितियों में झील का पानी छोड़ा जाएगा। साथ ही गाद को साफ करने के लिए व्यवस्था की गई है। इन दिनों यह झील बदरीनाथ हाईवे से आवागमन करने वाले लोगों का आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। अधिकारियों के अनुसार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए झील में छोटी-छोटी नौकाएं भी संचालित की जाएंगी। वहीं, मत्स्य विभाग की मदद से मत्स्य पालन को लेकर भी योजना बनाई जाएगी। खास बात यह है कि इसे साहसिक खेलों के ट्रेनिंग का केंद्र भी माना जा रहा है।
सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता बेंजवाल ने बताया कि टेस्टिंग में सफल रही झील में बीते एक पखवाड़े से पानी का संग्रहण भी होने लगा है। इधर, ब्लाक प्रमुख जगमोहन सिंह रौथाण, जिला पंचायत सदस्य पूनम कठैत, ग्राम प्रधान प्रदीप मलासी, पूर्व प्रधान नरेंद्र ममगाईं, जिला पंचायत सदस्य पूनम कठैत ने बताया कि यह झील कस्बे में जरूरी सुविधाओं को जोड़ने में भी मददगार होगी। विदित हो कि वर्ष 2010-11 में रुद्रप्रयाग विधानसभा के तत्कालीन विधायक मातवर सिंह कंडारी ने खांकरा में झील निर्माण की घोषणा की था। शासन से इस कार्य के लिए 1 करोड़ 35 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। 2013 की आपदा में गदेरे के उफान से यहां गाद भर गई। बाद में रिवाइज इस्टीमेट के अनुसार पैसा मिलने पर नवंबर में निर्माण पूरा किया गया।
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इनका कहना है --
मैंने खांकरा में बनी झील का निरीक्षण किया है। यह साहसिक खेलों, तैराकी, क्याकिंग, कैनोइंग की बेसिक ट्रेनिंग के लिए अच्छा है। साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। झील में आने वाले दिनों में आयोजित कार्यक्रमों को लेकर प्रशासन, पर्यटन और खेल विभाग के साथ चर्चा कर योजना तैयार कर शासन को भेजी जाएगी।
- मनोज रावत, विधायक केदारनाथ
जिला मुख्यालय से करीब 13 किमी की दूरी पर खांकरा में सिंचाई विभाग की ओर से 100 मीटर लंबी व 50 मीटर चौड़ी झील का निर्माण किया गया है। इन दिनों झील में लगभग ढाई लाख लीटर पानी जमा है। जबकि झील की क्षमता करीब 10 से 12 लाख पानी संग्रह की है। पांच मीटर ऊंचाई वाली झील पर तीन मीटर पर एक गेट लगाया गया है, जिससे बरसात या अन्य विषम परिस्थितियों में झील का पानी छोड़ा जाएगा। साथ ही गाद को साफ करने के लिए व्यवस्था की गई है। इन दिनों यह झील बदरीनाथ हाईवे से आवागमन करने वाले लोगों का आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। अधिकारियों के अनुसार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए झील में छोटी-छोटी नौकाएं भी संचालित की जाएंगी। वहीं, मत्स्य विभाग की मदद से मत्स्य पालन को लेकर भी योजना बनाई जाएगी। खास बात यह है कि इसे साहसिक खेलों के ट्रेनिंग का केंद्र भी माना जा रहा है।
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सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता बेंजवाल ने बताया कि टेस्टिंग में सफल रही झील में बीते एक पखवाड़े से पानी का संग्रहण भी होने लगा है। इधर, ब्लाक प्रमुख जगमोहन सिंह रौथाण, जिला पंचायत सदस्य पूनम कठैत, ग्राम प्रधान प्रदीप मलासी, पूर्व प्रधान नरेंद्र ममगाईं, जिला पंचायत सदस्य पूनम कठैत ने बताया कि यह झील कस्बे में जरूरी सुविधाओं को जोड़ने में भी मददगार होगी। विदित हो कि वर्ष 2010-11 में रुद्रप्रयाग विधानसभा के तत्कालीन विधायक मातवर सिंह कंडारी ने खांकरा में झील निर्माण की घोषणा की था। शासन से इस कार्य के लिए 1 करोड़ 35 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। 2013 की आपदा में गदेरे के उफान से यहां गाद भर गई। बाद में रिवाइज इस्टीमेट के अनुसार पैसा मिलने पर नवंबर में निर्माण पूरा किया गया।
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इनका कहना है --
मैंने खांकरा में बनी झील का निरीक्षण किया है। यह साहसिक खेलों, तैराकी, क्याकिंग, कैनोइंग की बेसिक ट्रेनिंग के लिए अच्छा है। साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। झील में आने वाले दिनों में आयोजित कार्यक्रमों को लेकर प्रशासन, पर्यटन और खेल विभाग के साथ चर्चा कर योजना तैयार कर शासन को भेजी जाएगी।
- मनोज रावत, विधायक केदारनाथ